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धड़ल्ले से चल रहीं 4 हजार अवैध क्लीनिकें, अफसर बेखबर

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रायबरेली। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत और सुस्ती के कारण जिले में चार हजार से अधिक अवैध क्लीनिक चल रही हैं। झोलाछाप के इलाज से कई मरीजों की मौत भी हो गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। सतांव क्षेत्र में मेडिकल स्टोर में संचालित अवैध क्लीनिक में इलाज के दौरान बच्ची की मौत के मामले को भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी पचाने में जुट गए हैं।
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जिले में झोलाछाप का मकड़ताल फैला है। इसे रोकने के लिए शासन स्तर से कई बार सीएमओ, एसीएमओ और अधीक्षकों को कार्रवाई करने के आदेश दिए गए, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ झोलाछाप का शोषण ही हो रहा है।
बछरावां क्षेत्र में एसीएमओ ने कई और अस्पताल पकड़े, लेकिन जांच के नाम पर मामलों को दबा दिया गया। अब तक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। सतांव क्षेत्र में भी 10 दिन पहले बच्ची की मौत के मामले को भी दबाने का प्रयास किया जा रहा हैं।
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शहर में भी बिना पंजीयन के अवैध रूप से क्लीनिक संचालित हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हैं। डीह, अमावां, महराजगंज, हरचंदपुर, गदागंज, ऊंचाहार, रोहनियां, छतोह, शिवगढ़ आदि क्षेत्रों में झोलाछाप अवैध क्लीनिक संचालित कर रहे हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
एसीएमओ रोज करते निरीक्षण, कार्रवाई शून्य
झोलाछाप और क्लीनिकों के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ. अरविंद कुमार हर रोज झोलाछाप व अवैध क्लीनिकों का निरीक्षण करते हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर प्रगति शून्य है।
निरीक्षण के दौरान कहीं भी झोलाछाप नजर नहीं आते हैं। उनका कहना है कि निरीक्षण लगातार किया जा रहा है। अवैध क्लीनिकों को पकड़कर झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत मिलने पर होती है कार्रवाई : सीएमओ
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि शिकायत मिलने पर झोलाछाप के खिलाफ जांच करवाकर कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा एसीएमओ को क्षेत्र में निरीक्षण करके झोलाछाप पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
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