रायबरेली। जिलेभर में शनिवार की रात आंधी से बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई। आंधी थमने के बाद शहर की बिजली बहाल हो गई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में अभियंताओं को पसीना बहाना पड़ा। कहीं पर दोपहर 12 बजे, तो कहीं दोपहर बाद चार बजे बिजली बहाल हुई। समाचार लिखे जाने तक 500 गांवों की बिजली बहाल नहीं हो पाई। मौसम बदलने से हालांकि गर्मी से राहत मिली।
जिले में शनिवार शाम से ही मौसम का मिजाज बदल गया। रात करीब 11 बजे आंधी आने से बिजली आपूर्ति गुल हो गई। लालगंज तहसील क्षेत्र में सबसे आंधी से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। कहीं पर बिजली के खंभे टूट गए, कहीं तारों पर पेड़ गिर गए। शहर में रात 12 बजे बिजली बहाल हो गई, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र डलमऊ, खीरों से जुड़े गांवों की बिजली रविवार को दोपहर 12 बजे बहाल हो पाई।
गदागंज, ऊंचाहार, जगतपुर, सेमरी की बिजली सुबह 10 बजे बहाल हुई। इसके अलावा उपकेंद्र कठगर, भोजपुर, मल्केगांव, सरेनी, बरस से 500 गांवों की बिजली शाम छह बजे तक बहाल नहीं हो पाई।
इधर दिक्कत, उधर बिजली कर्मी कार्य बहिष्कार पर
मानदेय नहीं मिलने और छंटनी किए जाने के विरोध में संविदा कर्मी कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। इससे अभियंताओं को बिजली आपूर्ति बहाल कराने में परेशानी झेलनी पड़ी। कुछ संविदा कर्मियों की मदद लेकर बिजली बहाल कराई गई।
करीब 70 पोल टूटे, बिजली बहाल कराने के हो रहे प्रयास
आंधी आने से बिजली आपूर्ति में व्यवधान हुआ है। पेड़ गिरने से तार टूटे हैं। 70 बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं। बिजली आपूर्ति बहाल कराने के प्रयास चल रहे हैं।
-मुकेश कुमार, अधीक्षण अभियंता वितरण मंडल द्वितीय