रायबरेली। भदोखर थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में कोर्ट ने हत्यारे पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 25 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं मामले में ससुर व सास को दहेज उत्पीड़न का दोषी ठहराते हुए दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला शुक्रवार को दीवानी कचहरी स्थित पॉक्सो कोर्ट द्वितीय के अपर सत्र न्यायाधीश उदयवीर सिंह ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक बब्बन कुमार त्रिपाठी के मुताबिक मामले की रिपोर्ट मध्यप्रदेश के सतना निवासी मृतका की मां पुष्पा तिवारी ने थाना भदोखर में दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार बेटी का विवाह 2011 में भदोखर थाना क्षेत्र के अलकापुरी निवासी अतुल त्रिवेदी के साथ हुआ था। पति अतुल, ससुर दिलीप त्रिवेदी व सास सुशीला त्रिवेदी दहेज में कार व एक लाख रुपये की मांग करते थे।
27 जुलाई 2016 को घर पर केवल पुत्री व दामाद ही थे। रात में मृतका ने फोन पर दहेज के लिए पति द्वारा प्रताड़ित करने की बात बताई। रात ढाई बजे बेटी के मौत की सूचना मिली।
पुलिस ने विवेचना के बाद पति अतुल त्रिवेदी, ससुर दिलीप त्रिवेदी व सास सुशीला त्रिवेदी के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया। कोर्ट ने साक्ष्य के आधार पर पति को पत्नी की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं ससुर व सास को दहेज उत्पीड़न के आरोप में दोषसिद्ध होने पर दो-दो वर्ष के कारावास और छह-छह हजार रुपये जुर्माने की सजा दी।