रायबरेली। नगर पालिका की जमीन पर कब्जा करके प्लाटिंग किए जाने के मामले को डीएम माला श्रीवास्तव ने गंभीरता से लिया है। डीएम ने ईओ से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। डीएम ने कहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद प्रकरण में कार्रवाई कराई जाएगी। अमर उजाला में खबर छपने के बाद पालिका और राजस्व कर्मियों में हड़कंप मचा है। सवाल उठ रहे हैं कि पालिका की जमीन पर प्लाटिंग करा दिए जाने के बाद भी प्रापर्टी डीलरों के खिलाफ केस क्यों नहीं दर्ज कराया गया।
शहर क्षेत्र के चक अहमदपूर नजूल और जैतूपुर के बीच नगर पालिका की करीब साढ़े तीन बीघा जमीन है। इस जमीन की कीमत मौजूदा समय में साढ़े चार करोड़ रुपये है। इस जमीन पर प्रापर्टी डीलरों ने कब्जा करते हुए प्लाटिंग करा दी है, लेकिन अफसरों की नजर इस पर नहीं पड़ी। छह जूून के अंक में अमर उजाला ने नगर पालिका की जमीन पर कर दी प्लाटिंग की खबर प्रकाशित की तो डीएम ने प्रकरण को गंभीरता से लिया। उन्होंने पालिका के ईओ से संबंधित प्रकरण की न सिर्फ रिपोर्र्ट तलब की, बल्कि मामले की जांच कराकर एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई कराने के निर्देश भी दिए।
आधे से ज्यादा जमीन पर कब्जा
शहर क्षेत्र में नगर पालिका के नाम 671.355 हेक्टेयर जमीन दर्ज है। हकीकत यह है कि आधी जमीन पर लोगों ने कब्जा कर लिया है। शेष बची जमीन पर प्रापर्टी डीलरों ने कब्जा करके प्लाटिंग कराना शुरू कर दिया है। खुद की जमीन को संरक्षित करने की जिम्मेदारी पालिका अफसरों और कर्मियों की है, लेकिन वह इस जिम्मेदारी को निभाने में लापरवाह साबित हुए हैं। साकेत नगर, पटेल नगर, महानंदपुर, ग्रिबशाह का पुरवा, मलिकमऊ, मथुरा का पुरवा, बरखापुर, बरवारीपुर, छेदी का पुरवा, सर्वोदय नगर, कल्लूू का पुरवा, छजलापुर, रतापुर, कप्तान का पुरवा, आचार्य द्विवेदी नगर, मोहिद्दीनपुर में पालिका की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा किया गया है, लेकिन जमीन संरक्षित करने के नाम पर विभागीय अधिकारी आंख मूंदे हुए हैं।
रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
नगर पालिका की जमीन पर कब्जा करके प्लाटिंग करा दिए जाने का मामला जानकारी में आया है। ईओ से रिपोर्ट तलब की गई है। रिपोर्ट आने के बाद मामले में कार्रवाई कराई जाएगी। पालिका की जमीन पर अवैध कब्जा या फिर प्लाटिंग किसी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी। पालिका कर्मियों की लापरवाही की भी जांच कराई जाएगी। -माला श्रीवास्तव, डीएम
जांच के लिए टीम गठित
नगर पालिका की जमीन पर प्लाटिंग करने और अवैध कब्जा किए जाने की जांच के लिए कर अधीक्षक, राजस्व निरीक्षक समेत पांच सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। प्लाटिंग करने वाले प्रापर्टी डीलरों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। -डॉ.आशीष कुमार सिंह, ईओ