लालगंज (रायबरेली)। प्रदेश सरकार की ओर से जुलाई माह में 69 हजार प्राथमिक शिक्षक भर्ती की तीसरी लिस्ट में नियुक्त होने वाले शिक्षकों को वेतन न मिलने से उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है।
नियुक्ति के तीन माह बीत जाने के बावजूद भी उन्हें अभी तक वेतन नहीं मिला। इससे इस बार उनकी दिवाली फीकी पड़ने वाली है। तीसरी सूची में जिले में कुल 48 शिक्षकों की भर्ती हुई थी।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद शिक्षक लगातार शिक्षण कार्य में लगे हुए हैं। तीन माह बीत जाने के बाद भी शिक्षकों के वेतन निर्गत करने की प्रक्रिया पूर्ण नहीं की जा सकी। नौकरी मिलने के बाद शिक्षकों को लगा था कि वे इस बार उनकी दिवाली अलग तरह से मनाएंगे।
परिवारीजन भी घर के सदस्य के सरकारी नौकरी में हो जाने के बाद अलग आशाएं लगा कर बैठे हैं। लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भी जिले के इन शिक्षकों को दिवाली से पहले वेतन न मिलने से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिक्षकों ने बताया कि अन्य जनपदों में तीसरी लिस्ट में नियुक्त हुए शिक्षकों का वेतन मुख्यमंत्री के निर्देश पर निर्गत करने की प्रक्रिया पूर्ण हो गई है। लेकिन जिले में अधिकारियों की लापरवाही के कारण जिले के शिक्षकों का वेतन निर्गत होने की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी। शिक्षकों की दीवाली इस बार फीकी पड़ने की उम्मीद है। (संवाद)
पांच माह से नहीं मिला वेतन, धरने पर बैठे कमर्चारी
रायबरेली। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना में काम करने वाले 20 सफाई कर्मियों को पांच माह से वेतन नहीं मिला है। इससे गुस्साए सफाई कर्मी मंगलवार देर शाम नेहरू नगर के पास धरने पर बैठ गए। हंगामा करने के साथ नारेबाजी की। दरअसल डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन योजना का काम लखनऊ की एक फर्म को मिला था। नगर पालिका के अफसरों ने फर्म का ठेका निरस्त कर दिया है।
भुगतान न होने से कर्मियों को वेतन नहीं मिल पा रहा है। कुशल, रवि कुमार, आकाश, अजीत, शिवाकांत, राहुल ने बताया कि वेतन न मिलने के कारण दिवाली का त्योहार फीका हो गया है। उनकी व्यथा सुनने वाला कोई नहीं है। बुधवार को डीएम कार्यालय में धरने पर बैठकर आवाज उठाई जाएगी।