डलमऊ (रायबरेली)। गंगा नदी में आए उफान से कटरी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। गांव पानी से घिर गए हैं।
दहशत के चलते लोग मजदूरी करने नहीं जा पा रहे हैं। इससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। पशुओं को चारा नहीं मिल पा रहा है।
धान, सब्जी आदि की फसल डूबकर सड़ने लगी हैं। नदी का जलस्तर कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है। कई गंगा घाट पानी में डूब गए हैं। डीएम वैभव श्रीवास्तव, एसपी श्लोक कुमार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया।
गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर है। जबकि खतरे का निशान 99.360 मीटर है। नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया है।
पानी खतरे के निशान की तरफ लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को भी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक नदी का जलस्तर 98.900 मीटर दर्ज किया गया। हर चार घंटे में एक सेमी. की रफ्तार से नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है।
डलमऊ तहसील के कटरी क्षेत्र के बबुरा, जमालनगर, मोहद्दीनपुर, जहांगीराबाद, पूरे रेवती सिंह, चक मलिक भीटी आदि गांवों में आबादी तक पानी पहुंच गया। गांव पानी से घिर गए हैं।
लोग पलायन को मजबूर हैं। कुछ लोग तो घर से निकलने में कतरा रहे हैं। ग्रामीण दिनेश यादव, सतेंद्र कुमार, राजू कहते हैं कि रोजी रोटी का संकट आ खड़ा है। नदी के उफान से फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है।
उधर, डीएम वैभव श्रीवास्तव, एसपी श्लोक कुमार, एसडीएम अंशिका दीक्षित, कोतवाल पंकज त्रिपाठी ने गंगा कटरी क्षेत्र के गांव चकमलिक भीटी, जहांगीराबाद, जमालनगर मोह्दिदीनपुर का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए जरूरी कदम उठाने के लिए निर्देश दिए। डीएम ने बताया कि लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए सुरक्षित स्थान को चिह्नित कर लिया गया है।