रायबरेली। जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में संचालित किसी एक परिषदीय विद्यालय में दिव्यांग शौचालय का निर्माण कराया जाना है।
खंड शिक्षा अधिकारियों से विद्यालयों का चयन करके सूची मांगी गई थी, जिस पर बीईओ ने 956 परिषदीय विद्यालयों में दिव्यांग शौचालय बनवाने के संबंध में सूची भेजी है। इन सभी में दिव्यांग शौचालय का निर्माण ग्राम पंचायतें कराएंगी।
जिले में 988 ग्राम पंचायतें हैं। परिषदीय विद्यालयों का संख्या 2298 है। प्रत्येक ग्राम पंचायत के किसी एक विद्यालय में दिव्यांग शौचालय बनाने का फैसला लिया गया है।
इसके लिए अप्रैल में खंड शिक्षा अधिकारियों से ग्राम पंचायतों के उन विद्यालयों को चिह्नित कर सूची मांगी गई थी, जहां दिव्यांग शौचालय नहीं है। सभी खंड शिक्षा अधिकारियों ने 956 विद्यालयों का चयन कर सूची उपलब्ध करा दी है। इन विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के तहत दिव्यांग शौचालय का निर्माण कराया जाना है।
इस काम को कराने के निर्देश जिला पंचायतराज अधिकारी और खंड विकास अधिकारियों को दिए गए हैं। बीईओ से भी कहा गया है कि वह बीडीओ और एडीओ पंचायत से समन्वय स्थापित कर चिह्नित विद्यालयों में काम कराएं।
स्कूलों में शुरू हो गया है काम
दिव्यांग शौचालय बनाने का काम कई स्कूलों में शुरू हो गया है। जिला समन्वयक (निर्माण) सत्यम वर्मा ने बताया कि राही विकास क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय जरियारी में दिव्यांग शौचालय बनाने का काम शुरू हो चुका है। खीरों में भी 10 स्कूलों में काम शुरू होने की सूचना मिली है। हर ग्राम पंचायत के एक विद्यालय में दिव्यांग शौचालय का निर्माण कराया जाना है।
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत के एक विद्यालय में दिव्यांग शौचालय का निर्माण कराया जाना है। खंड शिक्षा अधिकारियों से विद्यालय की सूची मांगी गई है। बीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने ब्लॉक के बीडीओ और एडीओ पंचायत से समन्वय स्थापित कर काम शुरू कराएं।
- शिवेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए।