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कोरोना से जान गंवाने वाले 343 लोगों के आश्रितों को मिलेगी आर्थिक मदद

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रायबरेली। जिले में अब तक कोरोना से जान गवां चुके 343 लोगों के आश्रितों को सरकार आर्थिक मदद देगी। शासन की मंशा पर लाभार्थियों को 50-50 हजार रुपये की मदद देने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आवेदन जमा कराने के लिए कलेक्ट्रेट स्थित मुख्य राजस्व लेखाधिकारी कार्यालय को सेंटर बनाया गया है।
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गुरुवार को कंट्रोल रूम से आश्रितों को फोन करके आवेदन करने के लिए जागरूक किया गया। कोरोना से मृतकों के आश्रितों को मदद देने में जिले में करीब 1.71 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
जिले में मार्च 2020 से कोरोना का कहर शुरू हुआ था। पहली लहर में मौतें कम हुईं थीं लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने मौत के आंकड़े को 343 पर पहुंचा दिया था। हालांकि यह संख्या वह है जो सरकारी आंकड़ों में उपलब्ध है। तमाम ऐसे भी लोग भी थे जिनकी जांच नहीं हो सकी थी।
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अब कोरोना के चपेट में आने के बाद जान गंवाने वाले 343 मृतकों के आश्रितों को सरकार ने 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है।
जिले में आश्रितों को मदद देने के लिए काम शुरू कर दिया गया है। आवेदन जमा करने के लिए कलेक्ट्रेट के मुख्य राजस्व लेखाधिकारी को नामित किया गया है।
यहां आकर कोई भी सभी प्रपत्रों के साथ आर्थिक मदद पाने के लिए डिमांड कर सकता है। लोगों को आर्थिक सहायता दिलाने के लिए कंट्रोल रूम से फोन किया जा रहा है।
कंट्रोल रूम के कॉलिंग प्रभारी व अमावां सीएचसी के स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी जुबलेश कुमार ने बताया कि गुरुवार को करीब 68 लाभार्थियों को फोन करके आवेदन करने की प्रक्रिया के बारे में बताया गया। उन्हें सभी प्रपत्रों के बारे में जानकारी दी गई।
आर्थिक मदद के लिए ये कागजात जरूरी
जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डीएस अस्थाना ने बताया कि कोरोना से जान गंवाने वालों के आश्रितों को जरूरी दस्तावेज आवेदन के साथ उपलब्ध करवाने होंगे। कोरोना की पॉजिटिव जांच रिपोर्ट, कोरोना से मौत का प्रमाणपत्र, वारिस का नाम, पता और बैंक शाखा व खाता नंबर देना होगा।
इसके अलावा दावेदार को पासपोर्ट साइज की फोटो भी देनी होगी। इन दस्तावेजों के साथ कलेक्ट्रेट स्थित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के बगल में मुख्य राजस्व लेखाकार कार्यालय में आना होगा। यहीं आवेदन की प्रक्रिया पूरी करवा दी जाएगी, लेकिन सभी प्रपत्र लेकर ही कलेक्ट्रेट आएं।
अब तक 75.20 प्रतिशत को पहली व 25 फीसदी के बूस्टर डोज मिली
जिले के लोगों को कोरोना से बचाने के लिए टीकाकरण की प्रगति में सुधार आ गया है। अब तक 75.20 प्रतिशत को पहली व 25 फीसदी के बूस्टर डोज दी जा चुकी है।
शहर में 100.80 प्रतिशत लोगों को पहली डोज दी जा चुकी है। दूसरी डोज के टीके का काम भी 50 प्रतिशत से अधिक हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रथम डोज की प्रगति तो सुधरी है, लेकिन द्वितीय डोज की प्रगति लक्ष्य के सापेक्ष नहीं पहुंच पा रही है।
कोरोना के चपेट में आने के बाद जान गवां चुके लोगों को आश्रितों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। इसके लिए कलेक्ट्रेट में आवेदन जमा किया जा सकता है। लोगों को जानकारी देने के लिए गुरुवार से कंट्रोल रूम से फोन भी कराया जा रहा है।
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डॉ. वीरेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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