आरोपियों ने छात्रा को बेहोशी की हालत में महराजगंज कोतवाली क्षेत्र में फेंकने की बात कबूली है। छात्रा को उसकी सहेली ने फोन करके रायबरेली बुलाया था।
हालांकि छात्रा का पता अब तक नहीं चल सका है। डीह थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली एक महिला ने थाने में एक नवंबर तहरीर देकर बताया था कि उसकी बेटी रायबरेली में कोचिंग पढ़ती है।
23 नवंबर को रायबरेली गई थी, तब से वापस नहीं आई। पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच कर रही थी। मामले में पुलिस ने शनिवार को तीन संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
इसमें पता चला कि छात्रा का अपहरण किया गया था। एसओ पवन त्रिवेदी ने बताया कि छात्रा और उसी गांव के शैलेश गुप्ता के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था।
कुछ दिनों से छात्रा प्रेमी से बात नहीं करती थी। इससे नाराज होकर प्रेमी ने 23 अक्तूबर को अपने साथी मनीष विश्वकर्मा, रवींद्र कुमार निवासी रसेहता कोतवाली महराजगंज के साथ मिलकर छात्रा का अपहरण कर लिया।
अपहरण में प्रेमी ने खुद की कार का प्रयोग किया। छात्रा को हरचंदपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली उसकी सहेली ने फोन करके बुलाया था।
एसओ ने बताया कि आरोपियों ने छात्रा को बेहोशी की हालत में महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के हलोर गांव के पास शारदा सहायक नहर के पास फेंकने की बात कबूली है। पुलिस फोन करने वाली छात्रा का भी पता लगा रही है।