16-रायबरेली में बुधवार को पुलिस कार्यालय के किरण हाल में पकड़े गए अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के सदस्य।
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रायबरेली। फेसबुक सहित अन्य सोशल साइटों पर फर्जी आईडी बनाकर लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर लाखों रुपये ठगने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। रायबरेली पुलिस व एसटीएफ ने नाइजीरिया निवासी तीन जालसाजों को फर्जी दस्तावेजों के साथ दिल्ली से गिरफ्तार किया है। मिल एरिया थाना क्षेत्र निवासी एक युवती से 32 लाख रुपये की ठगी के बाद इन शातिरों को दबोच कर जेल भेजा गया है। इनके अन्य अपराधों को खंगालने का काम पुलिस व एसटीएफ ने शुरू कर दिया है।
एसपी कार्यालय के किरण हॉल में बुधवार को अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सीओ सिटी वंदना सिंह ने बताया कि गिरफ्तार तीनों शातिर नाइजीरिया के निवासी है। इनके नाम ओकउ क्रिश्चियन, लबाए के जुस्तिन व ननांहुए हाईसेंथ चुकउनोंसो हैं। तीनों ने अपराध कुबूल कर लिया है। मिल एरिया क्षेत्र की महिला से 32 लाख रुपये की ठगी की वारदात भी कुबूली है। शातिरों के पास से पांच लैपटॉप, 10 मोबाइल, तीन इंटरनेट मॉडम, एक राउटर, एक पासपोर्ट, एक पासपोर्ट, दो सिमकार्ड व, सोने के आभूषण आदि बरामद किए गए हैं।
सीओ सिटी ने बताया कि शातिरों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वह दो साल पहले भारत आए थे। दिल्ली के पश्चिम विहार में जतेंद्र के घर में ऑफिस बनाकर ठगी शुरू की। फेसबुक आदि सोशल साइटों पर फर्जी आईडी बनाकर और लड़कियों व युवकों की फोटो लगाकर चैटिंग करके उन्हें जाल में फंसाते थे। महंगे उपहार भेजने के नाम पर रुपये वसूलते थे। मिल एरिया थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद तीनों शातिरों को मिल एरिया पुलिस व एसटीएफ की संयुक्त टीम ने दिल्ली से गिरफ्तार किया।
साइबर माध्यमों से दिया लालच और की कमाई
नाइजीरिया के तीनों युवक बेहद शातिर किस्म के हैं। युवक और युवतियों को साइबर क्राइम के माध्यम से अपने चंगुल में फंसाया। शातिरों ने स्वीकार किया कि जो प्रेमजाल में फंस गया, उससे रुपये वसूले। अच्छा तोहफा घर भेजने के नाम पर रुपये अपने खाते में जमा कराएं और काम होने के बाद सोशल मीडिया की आईडी बंद करके दूसरी आईडी बनाकर नए लोगों को फंसाने का काम शुरू कर दिया। लगातार दो साल तक ठगी का काम किया। कभी भी कहीं पकड़ में नहीं आए, लेकिन जिले के मिल एरिया थाना क्षेत्र की युवती के साथ 32 लाख की ठगी करने के बाद पकड़ में आ गए।