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समय से पूरा करें दोहरीकरण व यार्ड रिमाडलिंग : आशुतोष

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रायबरेली। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने बुधवार को विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने और समीक्षा करने के लिए रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। यहां चल रहे यार्ड रिमाडलिंग के साथ ही रेल लाइन के दोहरीकरण कार्य को देखा। उन्होंने सभी विकास कार्यों को समय से पूरा कराने के निर्देश दिए। मातहतों से कहा कि जो भी काम चल रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरा कराएं। इसमें किसी तरह की कोताही न बरती जाए।
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रेलवे की परियोजनाओं एवं विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक ने लखनऊ से वाराणसी तक निरीक्षण किया। लखनऊ से रवाना होने के बाद सुबह 9.15 बजे रायबरेली स्टेशन पहुंचे। उनके साथ मुख्यालय के उच्चाधिकारी और लखनऊ के मंडल रेल प्रबंधक सुरेश कुमार सपरा व कई मंडलीय अधिकारी भी रहे।
रास्ते में विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक ने संरक्षा एवं सुरक्षित परिचालन की व्यवस्थाओं को परखा। रायबरेली स्टेशन पहुंचते ही रिले रूम का निरीक्षण किया, फिर नए बनाए गए फुट-ओवरब्रिज पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। एफओबी पर यार्ड के पुराने मैप के साथ ही नया मैप भी लगाया गया, जिसे देखने के बाद एफओबी से ही पूरे यार्ड का जायजा लिया।
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महाप्रबंधक ने स्टेशन पर उपलब्ध यात्री सुविधाओं, पेयजल, स्वच्छता, कार्यालयों की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रखरखाव, प्रगतिशील विकास कार्यों एवं योजनाओं को परखा और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने सभी विकास कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ तय समय सीमा में पूरा कराने की बात कही।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक जगतोष शुक्ला ने बताया कि महाप्रबंधक ने रायबरेली स्टेशन पर चल रहे विकास कार्यों का जायजा लिया। स्टेशन पर सभी व्यवस्थाओं को देखा और उत्तरोत्तर वृद्धि के निर्देश दिए। उन्होंने रूपामऊ-गंगागंज के बीच चल रहे रेल लाइन दोहरीकरण, रायबरेली यार्ड के रिमॉडलिंग कार्य की समीक्षा की। मातहतों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए ताकि तय समय सीमा में काम पूरा हो सके।
निरीक्षण पर आए जीएम के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की टीम भी रही जिन्होंने अपने-अपने कार्य से संबंधित विभागों में जाकर मुआयना किया। इसी टीम में शामिल संरक्षा से जुड़े एक अधिकारी ने स्टेशन मास्टर कक्ष में मुआयना किया।
अभिलेखों को चेक किया और ड्यूटी पर तैनात एएसएम से गाड़ियों के संचालन के संबंध में कई सवाल भी पूछे। इसी बीच संरक्षा से जुड़ी सेफ्टी बुलेटिन के बारे में पूछा जो काफी खोजबीन के बाद मिल सकी। इस पर अधिकारियों ने कर्मचारियों को फटकार लगाई।
यार्ड रिमाडलिंग के तहत रेलवे स्टेशन पर पुराने फुट-ओवरब्रिज और प्लेटफॉर्म नंबर दो-तीन को ढहाने के बाद इसकी जगह पर नया फुट-ओवरब्रिज तैयार है लेकिन अभी इसे यात्रियों के लिए चालू नहीं किया गया है। नया प्लेटफॉर्म जल्द से जल्द तैयार करने की कोशिश चल रही है। टीनशेड लगाए जा रहे हैं। ढहाए गए पुराने प्लेटफॉर्म की जगह पर नया ट्रैक बिछाने का काम भी तेजी से चल रहा है।
यह ट्रैक रेल लाइन दोहरीकरण के तहत तैयार किया जा रहा है। लखनऊ से अमेठी के बीच दोहरीकरण कार्य पूरा होने में सिर्फ गंगागंज-रूपामऊ का हिस्सा बाकी है। इस कार्य को भी तेजी से पूरा कराया जा रहा है। यह संभावना जताई जा रही है कि दोहरीकरण और यार्ड रिमाडलिंग का काम दो महीने में पूरा कर लिया जाएगा।
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