रायबरेली। शासन के आदेश के बाद भी ब्लॉकों के अधिकारी मुख्यमंत्री स्तर से आने वाली ऑनलाइन शिकायतों को निस्तारित करने में तनिक भी संजीदा नहीं हैं। एक-एक करके 1207 शिकायतें ब्लॉकों में लंबित हो गई हैं। साथ ही 23 शिकायतें डिफाल्टर की श्रेणी में चली गई है।
लगातार शिकायतों के निस्तारण में बरती जा रही मनमानी पर डीडीओ ने सभी खंड विकास अधिकारियों को नोटिस देकर कार्रवाई की चेतावनी दी है। बीडीओ को तत्काल शिकायतों का निस्तारण करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। इससे ब्लॉकों के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों को तय समय में निस्तारित करना होता है। ऐसा न होने पर शिकायतें डिफाल्टर की श्रेणी में चली जाती है। मुख्यमंत्री ने प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों के निस्तारण के आदेश दिए हैं, लेकिन ब्लॉकों के अधिकारी शिकायतों को लेकर तनिक भी संजीदा नहीं हैं।
खंड विकास अधिकारियों के स्तर पर 1207 शिकायतें लंबित हो गई हैं। इसमें 23 शिकायतों डिफाल्टर भी हो चुकी हैं। डीडीओ एसएन चौरसिया का कहना है कि खंड विकास अधिकारियों को आईजीआरएस की शिकायतों का निस्तारण तीन दिन में कराकर रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए खंड विकास अधिकारियों को तत्काल निस्तारण रिपोर्ट देने के आदेश दिए है। ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
ब्लॉकों में निस्तारण के इंतजार में शिकायतें
ब्लॉक लंबित शिकायतें
अमावां 41
ऊंचाहार 22
खीरों 45
छतोह 71
जगतपुर 21
डीह 107
डलमऊ 82
गौरा 64
बछरावां 157
महराजगंज 53
राही 142
रोहनियां 21
लालगंज 39
शिवगढ़ 116
सतांव 46
सरेनी 50
सलोन 98
हरचंदपुर 32
कुल 1207
मुख्यमंत्री पोर्टल और ऑनलाइन 1207 शिकायतों ब्लॉक स्तर पर लंबित हो गई हैं। इसमें 23 शिकायतें डिफाल्टर की श्रेणी में आ गई है। सभी बीडीओ को पत्र भेजा गया है। शिकायतों का निस्तारण करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।
एसएन चौरसिया, डीडीओ