ऊंचाहार (रायबरेली)। खरौली गंगाघाट पर बुधवार को निर्माणाधीन पुल से टकराकर यात्रियों से भरी एक नाव गंगा नदी में पलट गई। नाव पर सवार सभी 15 लोग नदी में डूब गए। इस दौरान नदी में डूब रहे लोगों ने हिम्मत नहीं हारी और निर्माणाधीन पुल पर लगे लोहे की पाइप, सरिया व रस्से को पकड़कर किसी तरह अपनी जान बचाई।
उधर, शोर सुनकर घाट पर मौजूद अन्य नाविकों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद नदी में डूबे सभी लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया। हालांकि हादसे में नाव पर लदी चार बाइकें और एक साइकिल नदी में डूब गईं। यात्रियों का कहना था कि नाविक नशे की हालत में था।
ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के पूरे तीर मजरे खरौली गांव निवासी नाविक महेश कुमार बुधवार दोपहर बाद क्षेत्र के खरौली गंगा घाट से 14 यात्रियों को लेकर फतेहपुर जनपद के नौबस्ता गंगा घाट जा रहा था। नाव में फतेहपुर जनपद के हथगाम थाना क्षेत्र के इटैली गांव निवासी अश्वनी कुमार, अंकित विश्वकर्मा, पूनम विश्वकर्मा, बृजेश कुमार, कमलादेवी व दो वर्ष का मासूम रिषभ, दंलवाकला गांव के रचित पांडेय, निशा पांडेय, विजयशंकर, खंडारीपुर गांव की रामदुलारी, तारावती, शिवचरन, सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के मोहम्मदाबाद गांव निवासी रामकिशोर सवार थे। बताते हैं कि नाविक नशे में था।
नाव नदी के बीचोबीच पहुंचते ही अनियंत्रित होकर निर्माणाधीन पुल के खंभे से टकराकर पलट गई। इससे नाव पर सवार सभी लोग पानी में डूबने लगे। नाविक तो किसी तरह तैरकर बाहर निकल आया। जबकि डूब रहे लोग मदद के लिए चिल्लाने लगे। इस दौरान निर्माणाधीन पुल पर लगे लोहे के पाइप, रस्से व सरिया को पकड़कर सभी ने किसी तरह अपनी जान बचाई।
उधर, नाव पलटने की खबर से हड़कंप मच गया। वहां मौजूद अन्य नाविकों ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह सभी को बाहर निकाला। नदी में डूब रहे रामकिशोर को खरौली घाट की तरफ निकाला गया, जबकि अन्य सभी को फतेहपुर के लल्लू पुरवा गांव के पास नदी से बाहर निकालने में सफलता मिली।
खबर पाकर एसडीएम विनय कुमार मिश्र, तहसीलदार प्रतीक त्रिपाठी व कोतवाल शिवशंकर सिंह भी मौके पर पहुंचे और सकुशल बच निकले लोगों से बात की। एसडीएम ने बताया कि नाव पर नाविक समेत 15 लोग सवार थे। सभी यात्री फतेहपुर जनपद के थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
क्षमता से अधिक बैठाए जाते यात्री
यात्रियों को गंगा नदी पार कराने के लिए घाट पर पीडब्ल्यूडी की दो नाव चलाई जा रही हैं। इसके अलावा स्थानीय नाविकों के माध्यम से 25 निजी नावें चलाई जा रही हैं। इन नावों पर क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाया जाता है। निजी नाव चालक यात्रियों से 40 से 100 रुपये वसूलते हैं। जबकि सरकारी नाव से 20 रुपये प्रति यात्री किराया लिया जा रहा है। अवैध वसूली किए जाने की बात भी सामने आई। मनमाने ढंग से नावें चलाई जाती हैं।
गंगा मइया से लगाई गुहार तो बची जान
नाव पलटने के बाद डूब रहे रामकिशोर को जब बाहर निकला गया तो उसके चेहरे पर घटना का खौफ साफ झलक रहा था। रामकिशोर ने बताया कि वह इलाज कराने ऊंचाहार के मनऊ का इंदारा मजरे अरखा गांव आया था। दवा लेकर वापस जा रहा था, तभी नाव डूब गई। नदी की धारा में गिरते ही सामने मौत ही नजर आ रही थी। पैर टेकने की जगह नहीं थी। लगा अब परिवार से नहीं मिल पाऊंगा। मां गंगे से प्राण बचाने की गुहार लगाई, जिसके बाद जान बची। वह बाहर निकलने के बाद भी घबराहट में था। बताया कि नाविक नशे की हालत में था। इससे हादसा हुुआ। गनीमत रही जान बच गई। एसडीएम विनय कुमार मिश्र ने उसकी पीठ थपथपाकर उसका हौसला बढ़ाया और कहा कि भगवान ने तुम्हें बचा लिया। एसडीएम ने उसको सुरक्षित गांव पहुंचाने की व्यवस्था की।