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Raebareli News: गांवों में बैंकिंग सेवाएं बाधित, भुगतान अटका

Tue, 04 Aug 2026 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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लालगंज के पलियावीर सिंह में अपने सेंटर पर काम करती बीसी सखी मोनी चौरसिया।
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रायबरेली। गांवों में लोगों को बैंकिंग सुविधा मुहैया कराने की व्यवस्था डगमगा गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के जिले की 980 ग्राम पंचायतों में बीसी सखी का चयन होना था, लेकिन 640 गांवों को ही यह सुविधा मिल सकी। इसमें 298 बीसी सखियों के डिवाइस काम नहीं कर रहे या फिर कोड बंद हो गए हैं। इससे गांवों में बैंकिंग लेनदेन का काम ठप है।
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तमाम प्रयासों के बाद भी जिले के सभी गांवों को यह सुविधा अब तक नहीं मिल सकी है। कई बीसी सखी डिवाइस को ठीक कराने व कोड खुलवाने के लिए भागदौड़ कर रही हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। कई ऐसी भी बीसी सखी हैं जो हर माह अच्छी कमाई कर रही हैं। अब मामला संज्ञान में आने के बाद लीड बैंक प्रबंधक ने जिले में सभी बीसी सखी की डिवाइस को सक्रिय कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।


640 बीसी सखियों ने खरीदी थी डिवाइस
बीसी सखी का चयन करने के बाद एनआरएलएम ने सभी को 75-75 हजार रुपये दिए थे। बैंक आफ बड़ौदा के माध्यम से 640 बीसी सखियों ने डिवाइस खरीदी थी। इसमें करीब दो करोड़ रुपये खर्च हुए थे। बाद में बीसी सखियों ने एक से डेढ़ हजार रुपये में वकरांगी संस्था से एल-1 डिवाइस खरीदी थी। कई डिवाइस काम नहीं कर रही हैं। डिवाइस को ठीक कराने के लिए लखनऊ जाने की सलाह दी गई। इसी कारण डिवाइस ठीक नहीं हो सकी।
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डिवाइस ठीक कराने के लिए भटक रहीं अलका
जगतपुर ब्लॉक के सिद्धौर गांव की बीसी सखी अलका सिंह अच्छा काम कर रही थीं। करीब एक साल पहले डिवाइस ने काम करना बंद कर दिया। डिवाइस को ठीक कराने के लिए बैंक शाखा के साथ ही संबंधित कंपनी से भी संपर्क किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। डिवाइस को ठीक कराने के लिए लखनऊ जाने की सलाह दी। इसी कारण काम ठप है। इसके अलावा लालगंज क्षेत्र की बीसी सखियों का कहना है कि गांवों में नेटवर्क की खराब व्यवस्था के कारण लेनदेन में परेशानी होती है। लालगंज की एक बीसी सखी ने बताया कि नकदी निकासी की प्रक्रिया में लगातार बदलाव हो रहे हैं। पुरानी मशीनें नए सिस्टम को सपोर्ट नहीं कर रही हैं।
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