इस सड़क की स्थिति सुधरने के बाद प्रतिदिन करीब 10 हजार मुसाफिरों को आवागमन में सुविधा होगी। यह रोड इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे रायबरेली के अलावा उन्नाव और कानपुर जाने का रास्ता है।
ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) के अफसरों की लापरवाही से यह सड़क खस्ताहाल हो गई। आवागमन में दिक्कत को देखते हुए शासन ने पिछले दिनों ही सड़क के निर्माण और रखरखाव की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को सौंपी है।
पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के एक्सईएन अरविंद कुमार के मुताबिक 12 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए करीब 14.5 करोड़ का इस्टीमेट तैयार किया गया है। सड़क निर्माण के साथ ही इसका चौड़ीकरण भी होगा।
पहले यह सड़क महत 3.75 मीटर चौड़ी थी। यह चौड़ाई सुगम यातायात के लिहाज से काफी कम है। वाहनों के आवागमन को देखते हुए सड़क को सात मीटर चौड़ा बनाया जाएगा जिससे लोगों को सुविधा होगी।
इसका प्रस्ताव तैयार हो गया है। मंजूरी के लिए शासन को भेजा जा रहा है। शीघ्र ही इसे मंजूरी भी मिलने की उम्मीद है जिसके बाद कार्य शुरू हो जाएगा।