रायबरेली। ट्रेनों की लेटलतीफी दूर होने के बजाए बढ़ती जा रही है। ट्रेनों की संख्या पहले से ही कम है और रेल लाइनों का दोहरीकरण हो चुका है, फिर भी ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा हुआ है।
सबसे ज्यादा खराब स्थिति लंबी दूरी की ट्रेनों की है, जो कोहरे की वजह से रास्ते में लेट हो रही हैं। इससे रायबरेली जंक्शन पर ट्रेनों का इंतजार कर रहे यात्रियों को सर्द मौसम में काफी असुविधा हो रही है। गुरुवार को अर्चना एक्सप्रेस साढ़े तीन घंटे की देरी से आई तो पद्मावत, नौचंदी, पंजाब मेल भी दो से ढाई घंटे लेट रही।
कोहरे की वजह से दिसंबर महीने से ऊंचाहार एक्सप्रेस, जनता मेल, बरेली-प्रयागराज-बरेली, मालदा टाउन-नई दिल्ली-मालदा टाउन, प्रयागराज-ऋषिकेश-प्रयागराज ट्रेन निरस्त चल रही है, जबकि काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को हफ्ते में तीन दिन कैंसल किया गया है।
ये सभी ट्रेनें मार्च महीने से पटरी पर लौट सकेंगी। जिन ट्रेनों को चलाया जा रहा है, वे भी समय से नहीं संचालित हो पा रही हैं। जम्मूतवी से पटना जाने वाली गाड़ी संख्या-12356 अर्चना एक्सप्रेस लगभग साढ़े तीन घंटे की देरी से यहां पहुंची।
इसी तरह दिल्ली से प्रतापगढ़ जाने वाली गाड़ी संख्या-14208 पद्मावत एक्सप्रेस दो घंटे, सहारनपुर से प्रयागराज जाने वाली गाड़ी संख्या-14512 नौचंदी एक्सप्रेस सवा दो घंटे, हावड़ा से अमृतसर जाने वाली गाड़ी संख्या-13005 पंजाब मेल सवा दो घंटे, अमृतसर से हावड़ा जाने वाली गाड़ी संख्या-13006 पंजाब मेल ढाई घंटे देर से आई।
इंटरसिटी, गंगा गोमती समेत कई ट्रेनें आधे घंटे से कम लेट रही। स्टेशन अधीक्षक राकेश कुमार का कहना है कि लंबी दूरी की ट्रेनें पिछले स्टेशनों से लेट हो रही हैं।