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अमेठी हत्याकांड: मामी बोलीं इस घटना के लिए पूनम कसूरवार, छिपकर चंदन से फोन पर करती थी बात

Mon, 07 Oct 2024 06:42 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, रायबरेली

सार

Amethi massacre: अमेठी हत्याकांड में अब एक नया मोड़ आया है। मृतक शिक्षक की मामी ने कहा कि इस घटना में पूरा दोष पूनम का है। उधर पूनम का मायका बचाव में उतर आया है। 
 
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अमेठी हत्याकांड का सच आया सामने। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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हत्याकांड के चार दिन बाद सुनील की मामी ने उनकी पत्नी व आरोपी चंदन के बीच संबंधों पर चुप्पी तोड़ी है। रविवार को शिक्षक की मामी चंद्रकली ने कहा कि सुनील बेकसूर था, वह तो पूनम के चक्कर में मारा गया। चंदन तो दोषी है, लेकिन पूनम का दोष भी कम नहीं है।

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चंद्रकली का कहना है कि सुनील पूनम और चंदन के रिश्ते से वाकिफ था, लेकिन पत्नी के प्रति लगाव से वह पूनम के कहने पर ही फैसला लेता था। उन्होंने बताया कि सुनील 15 दिन पहले घर आए थे तो कुछ काम लगवाए थे। जाते समय अपनी अम्मा से कहा था कि नवरात्र में घर आएंगे तो पानी का बोर भी करा देंगे। उन्होंने कहा कि सुनील बहुत गंभीर रहते थे। वह मां, बाप, टोला परिवार के सामने खुश रहते थे, लेकिन अंदर से दुखी रहते थे। उन्होंने कहा कि बहू पूनम अक्सर फोन पर किसी से बात किया करती थी।

पूनम के भाई ने पुलिस पर लगाया आरोप
पूनम और आरोपी चंदन के बीच संबंधों को लेकर जो चर्चा है, उस पर शनिवार को गोलाघाट पर दाह संस्कार के दौरान पूनम के भाई उतरपारा निवासी भानु ने चंदन और पुलिस को कठघरे में खड़ा किया था। उसका कहना था कि आरोपी चंदन मार्च से उसकी दीदी को परेशान कर रहा था। इसके चलते जीजा सुनील और दीदी बच्चों के साथ रायबरेली शहर के इंदिरा नगर में रहते थे। इसी बीच चंदन भी वहीं पर किराये के मकान में रहने लगा और तमंचा दिखाकर दीदी को बात करने के लिए धमकाता था।
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भानु ने चंदन को ऐसा करने से रोका, लेकिन वह नहीं माना। इस पर जीजा सुनील परिवार के साथ सुदामापुर में अपने गांव में रहने लगे। भानू के मुताबिक 19 मई को वह दीदी को लेकर मौसी के घर जा रहा था, तभी चंदन ने फोटो खींच ली और वायरल करने की धमकी दी। इसके बाद उससे बचने के लिए सभी लोग शिवरतनगंज में रहने लगे थे।

भानु ने कहा कि 18 अगस्त को रायबरेली में दीदी के साथ छेड़खानी की घटना हुई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उसी नतीजा है कि इतना बड़ा कांड हुआ। भानु ने साफ कहा था कि उसकी दीदी और चंदन का कोई संबंध नहीं था। वह जबरन मोबाइल पर बात करता था और ऐसा न करने पर धमकी देता था।



पीडि़त परिवार का छलका दर्द, बोले चाहिए हमें न्याय

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति की टीम - फोटो : अमर उजाला।
 शिवरतनगंज हत्याकांड की आंच दिल्ली तक पहुंच गई है। रविवार को मृतक शिक्षक के गदागंज स्थित सुदामापुर गांव में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति की टीम पहुंची। टीम ने परिजनों से बातचीत कर सिलसिलेवार घटना के बारे में जानकारी ली। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने न्याय दिलाने की मांग की। साथ ही अपनी समस्याओं से टीम को अवगत कराया। टीम करीब 50 मिनट तक गांव में रही। इस दौरान रायबरेली सदर कोतवाली में दर्ज कराए गए मामले पर भी जानकारी ली गई।

अमेठी के शिवरतनगंज में शिक्षक सुनील कुमार और उसकी पत्नी पूनम, बेटी समीक्षा और श्रष्टि की हत्या के मामले से न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ी है, बल्कि केंद्र सरकार भी कार्रवाई शुरू हो गई है। रविवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य लवकुश कुमार के साथ तीन सदस्यीय टीम दिल्ली से रविवार दोपहर करीब 12:50 बजे सुदामापुर गांव पहुंची। टीम ने घटना के बारे में मृतक शिक्षक के पिता राम गोपाल, मां राजवती, भाई सोनू से जानकारी ली। टीम के सदस्य लवकुश कुमार के सामने मृतक शिक्षक सुनील के पिता रामगोपाल ने बताया कि पानी की समस्या है। 

इस पर एडीओ पंचायत जगतपुर संजीव शर्मा को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द दरवाजे के बाहर सरकारी हैंडपंप लगवा दिया जाए। इस दौरान टीम के सामने मृतक शिक्षक के साथी ने बताया कि चंदन से सुनील से विवाद चल रहा था। 18 अगस्त को तहरीर देने के बाद भी रायबरेली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। इस पर परिवार के सदस्यों से भी जानकारी ली गई। आयोग के सदस्य लवकुश कुमार ने क्षेत्राधिकारी डलमऊ अरुण कुमार नौहवार को निर्देश दिए कि शिक्षक और उसकी पत्नी के परिवार पर कोई भी पुलिस संबंधी समस्या होती है तो तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए। एडिशनल एसपी संजीव कुमार सिन्हा को निर्देश दिए कि दोनों परिवारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है। सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए जाएं। करीब 50 मिनट गांव में रुकने के बाद टीम लखनऊ रवाना हो गई।
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प्रशासन पीड़ित परिवार को हर संभव दे रहा मदद

सुदामापुर गांव जाने से पहले लोकनिर्माण विभाग गेस्ट हाउस में राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग की टीम पहुंची। इस दौरान टीम के सदस्य लवकुश कुमार ने डीएम हर्षिता माथुर से सुदामापुर गांव के हालात और शिवरतनगंज हत्याकांड पर जानकारी ली। पीड़ित परिवार को किस तरह से प्रशासन मदद कर रहा है, इस पर डीएम ने टीम के सदस्य को अवगत कराया। आयोग के सदस्य ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही अमेठी और रायबरेली के प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। बताया कि प्रदेश सरकार भी पीडित परिवार की हर संभव मदद कर रही है। जो उनकी मांग है, उसे भी प्रशासन पूर कर रहा है। रायबरेली पुलिस की अनदेखी के सवाल पर आयोग के सदस्य ने जवाब न देते हुए गांव पहुंचकर स्थिति से वाकिफ होकर जानकारी देने की बात कही।
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