डीह (रायबरेली)। ब्लॉक के अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी के कारण पीएम आवास की तीनों किस्तें लाभार्थी को न देकर दूसरी महिला के खाते में भेज दीं। महिला ने अपना आवास भी बनवा लिया। हालांकि मजदूरी का पैसा लाभार्थी महिला के खाते में ही भेजा गया है। मामले की जानकारी होने पर महिला ने परियोजना निदेशक से न्याय की गुहार लगाई है। परियोजना निदेशक ने बीडीओ को मामले का संज्ञान लेकर रिकवरी कराने के निर्देश दिए हैं।
ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत रायपुर टोडी निवासी रेशमा पत्नी महबूब को प्रधानमंत्री आवास आवंटित हुआ था। आवास की तीन किश्तें इसी गांव की इसके नाम की दूसरी महिला रेशमा पत्नी मकबूल के खाते में भेज दी गईं। इस पर उसने खाते से रकम निकालकर आवास बनवा लिया।
इसके बाद मजदूरी की रकम 14 हजार रुपये आवास की लाभार्थी महिला के खाते में भेज दिए गए। मामले की जानकारी होने के बाद लाभार्थी महिला रेशमा ने ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर परियोजना निदेशक प्रेमचंद्र पटेल से मामले की शिकायत की। पीडी ने बीडीओ को मामले का संज्ञान लेकर नोटिस जारी कर रिकवरी कराने के निर्देश दिए।
इस बारे में बीडीओ जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जिस महिला के खाते में प्रधानमंत्री आवास की तीनों किस्तें भेजी गई हैं, उसे नोटिस जारी कर पैसे की रिकवरी कराई जाएगी।