रायबरेली। अब गुर्दे व यूरिन से संबंधित बीमारियों के ऑपरेशन के लिए मरीजों को दूसरे जिले के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में गुर्दे और मूत्र नली का जटिल ऑपरेशन शुरू हो गया है।
एम्स में डॉ. अमित मिश्रा की टीम ने 36 वर्षीय मरीज की यूरिन नली का सफल ऑपरेशन किया है। इससे पहले मरीज ने तीन बार लखनऊ के एक अस्पताल में ऑपरेशन कराया था, लेकिन उसे समस्या से निजात नहीं मिली थी।
एम्स की यूरोलॉजी ओपीडी में दो सप्ताह पहले मरीज ने डॉ. अमित मिश्रा से चिकित्सीय सलाह ली थी। ओपीडी में आए मरीज की पांच घंटे की जटिल सर्जरी की गई, जिसमें गाल की अंदरूनी परत का ग्रॉफ्ट निकल कर यूरिन की नली में लगाया गया।
डॉ. मिश्रा का कहना है कि ऑपरेशन के बाद मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है। कुछ ही दिनों में उसे अस्पताल से छुट्टी भी दे दी जाएगी। ऑपरेशन टीम में दंत विभाग के डॉ. बेदी और निश्चेतन विभाग की डॉ. शिल्पी, डॉ. अलीम, डॉ. हिरोक भी शामिल रहे। यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमित मिश्रा ने बताया कि यूरिन नली का संकुचन एक बीमारी है।
मूत्रमार्ग की संकीर्णता के कारण यूरिन का प्रवाह बाधित होता है। अधिकतर पुरुष इस बीमारी से प्रभावित होते हैं। इस समस्या से मरीजों को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ता है।
एम्स के रजिस्ट्रार/ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला ने बताया कि एम्स में गुर्दे की पथरी, गुर्दे एवं प्रोस्टेट ग्रंथि के कैंसर के भी ऑपरेशन जल्द शुरू होंगे।
दूरबीन से होने वाले ऑपरेशन भी उपकरण मिलते ही शुरू कर दिए जाएंगे। यूरोलॉजी विभाग में पुरुष बांझपन और यौन विकार रोगों की अलग से विशेष ओपीडी भी चलाई जा रही है, जिससे कई मरीजों को राहत मिली है।