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एम्स परिसर का होगा विस्तार, मिलेगी किसानों की 50 एकड़ भूमि, बैनामे की प्रक्रिया शुरू

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रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के विस्तार के लिए शासन से आवंटित 43 करोड़ रुपये जिला प्रशासन को मिल गए हैं। 228 किसानों की 50 एकड़ जमीन की खरीद के लिए जिला प्रशासन ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। उप निबंधन कार्यालय सदर में बैनामों को लेकर काम भी शुरू करवा दिया गया है।
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अनुसूचित जाति के करीब 70 किसानों की जमीन के बैनामे के लिए डीएम से इजाजत मांगी गई है। इसी महीने एम्स को किसानों की जमीन उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे एम्स के विस्तार का काम शुरू हो सके।
शहर से सटे दरियापुर में एम्स संचालित है। ओपीडी के साथ ही एमबीबीएस की पढ़ाई पहले ही शुरू करा दी गई थी। एम्स के आवासीय परिसर के साथ ही मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के भवन के निर्माण का काम पूरा होने के बाद मरीजों को भर्ती करके इलाज भी शुरू करा दिया गया है।
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अस्पताल शुरू होने के बाद एम्स का विस्तार होना है, लेकिन किसानों की करीब 49.85 एकड़ जमीन न मिल पाने के कारण विस्तार नहीं हो पा रहा है। एम्स के निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी ने शासन को पत्र भेजकर किसानों की जमीन दिलवाने का अनुरोध किया था।
किसानों की करीब 50 एकड़ जमीन के लिए शासन से 43 करोड़ रिलीज किए थे। जिला प्रशासन को यह बजट मिल गया है। किसानों की जमीन को सर्किल मूल्य से चार गुनी दर पर खरीदा जाएगा।
बजट मिलने के बाद जिला प्रशासन ने किसानों की जमीन का बैनामा एम्स के पक्ष में करवाने के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। खासकर अनुसूचित जाति के करीब 70 किसानों की जमीन के बैनामों के लिए डीएम से इजाजत मांगी गई है। इसके बाद ही काम शुरू होगा। उप निबंधन कार्यालय सदर में बैनामों की प्रक्रिया का काम भी शुरू करवा दिया गया है।
कोरोना की पहली लहर के कारण लौट गया था बजट
एम्स को विस्तार के लिए पिछले साल ही जमीन मिलनी थी, लेकिन कोरोना की पहली लहर के कारण बजट वापस हो गया था। शासन ने 21 मार्च 2020 को किसानों की जमीन खरीदनेे के लिए जिला प्रशासन को बजट दिया था।
जिला प्रशासन को 31 मार्च 2020 तक हर हाल में दरियापुर व सुल्तानपुर आइमा गांवों के 228 किसानों की जमीन का बैनामा करवाने के आदेश दिए थे, लेकिन 26 मार्च 2020 से ही पूरी तरह से लॉकडाउन के कारण बैनामा नहीं हो पाए थे। जिला प्रशासन को बजट वापस करना पड़ा था। किसानों को प्रति हेक्टेयर 2.12 करोड़ रुपये के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।
जिला प्रशासन को बजट मिलने के बाद किसानों की जमीन के बैनामे का काम शुरू करवा दिया गया है। अनुसूचित जाति के किसानों की जमीन के बैनामे के लिए डीएम से इजाजत मांगी गई है। जल्द ही बैनामो का काम पूरा कराया जाएगा। निबंधन कार्यालय के स्तर से काम को पूरा कराया जा रहा है।
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- प्रभाष सिंह, उप निबंधक, सदर
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