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कूड़ा निस्तारण प्लांट चलने की झूठी रिपोर्ट का खुलासा, मंडलायुक्त जांच को पहुंचे तो बंद मिली फैक्टरी

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प्लांट का निरीक्षण करते मंडलायुक्त और अपर मुख्य सचिव नगर विकास। - फोटो : RAIBARAILY
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रायबरेली। मंडलायुक्त रंजन कुमार व नगर विकास विभाग के सचिव अनुराग यादव गुरुवार को शहर के जैतूपुर में कूड़े का ढेर देखकर भड़क गए। पूर्व मंत्री व विधायक डॉ. मनोज पांडेय द्वारा याचिका समिति में मामला उठाए जाने के बाद जांच करने पहुंचे कमिश्नर ने कूड़ा निस्तारण प्लांट के संचालन की गलत सूचना देने पर अधिकारियों को फटकार लगाई।
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उन्होंने पूरे परिसर की जांच की और अफसरों से सवाल-जवाब किए। जांच पूरी करने के बाद वे वापस लौट गए। कमिश्नर अपनी रिपोर्ट याचिका समिति को सौंपेंगे।
शहर के कूड़े को निस्तारित करने के लिए नगर पालिका की ओर से पीएसी के पास जैतूपुर में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया गया है। पिछले कई महीने से प्लांट का संचालन मनमाने तरीके से कराए जाने के कारण शहर का कूड़ा प्लांट के आसपास डंप हो रहा है।
इससे कृष्णा नगर, तिलक नगर, किशुन का पुरवा, महानंदपुर, पीएसी कॉलोनी, गोरा बाजार मोहल्लों में संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व मंत्री व ऊंचाहार से सपा विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने याचिका समिति में मामले को उठाया था। प्लांट के संचालित होने की नगर पालिका की गलत सूचना पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने जांच करवाने की मांग की थी।
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शासन के आदेश पर मंडलायुक्त, नगर विकास सचिव यहां जांच करने के लिए पहुंचे। डीएम वैभव श्रीवास्तव, एडीएम (प्रशासन) राम अभिलाष, सिटी मजिस्ट्रेट युगराज सिंह नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉ. आशीष कुमार सिंह की मौजूदगी में जैतूपुर पहुंचकर जांच की। प्लांट के आसपास सड़ा कूड़ा देख कमिश्नर का गुस्सा भड़क गया। प्लांट भी चलता नहीं मिला। इससे नाराज कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
मौके पर पहुंचे विधायक डॉ.मनोज कुमार पांडेय ने दोनों अधिकारियों से कहा कि संयंत्र किस वर्ष में लगा और इन वर्षों में प्रत्येक दिन कितने घंटे प्लांट को चलाया गया। कितने कूड़े का निस्तारण कर कितनी खाद का उत्पादन किया गया। खाद को कहां पर विक्रय किया गया।
उन्होंने कमिश्नर को बताया कि कई वर्षों से संयंत्र की बिजली कटी है। संयंत्र में डीजी सेट नहीं है और बिजली कटी है तो ऐसी स्थिति में प्लांट कैसे चला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार से मिलने वाली 35 प्रतिशत सब्सिडी को डकारने का काम किया गया। कमिश्नर ने कहा कि मामले की जांच की गई है। रिपोर्ट याचिका समिति में सात सितंबर को दी जाएगी।
कमिश्नर के सामने मोहल्ले के लोग बोले, कूड़े से जान को खतरा
जैतूपुर में जांच करने पहुंचे कमिश्नर रंजन कुमार से नगर पालिका की मनमानी की शिकायत करने के लिए मोहल्ले के लोगों की भीड़ लग गई। लोगों ने कमिश्नर को बताया कि सड़ रहे कूड़े में जहरीली मक्खियां व अन्य तमाम तरीके के कीटाणु उत्पन्न हो रहे हैं। इससे जीना दूभर हो रहा है।
लोग को लगातार संक्रामक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इससे जीवन को खतरा बढ़ गया है। कमिश्नर ने मोहल्लेवासियों को आश्वस्त किया गया मामले में कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने नगर पालिका के अधिकारियों को सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने के आदेश दिए।
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