महराजगंज (रायबरेली)। तेजाब पीड़िता रविवार को जिंदगी की जंग हार गई। वहीं उसके भाई का केजीएमयू में अभी भी इलाज चल रहा है।
युवती की मौत से परिवारीजनों में रोना-पिटना मच गया। पीड़िता की मौत से लोगों में नाराजगी है। हालांकि पुलिस पहले ही इस मामले में आरोपी युवक को जेल भेज चुकी है।
महराजगंज कोतवाली क्षेत्र के पूरे सुखा तिवारी मजरे सिकंदरपुर गांव निवासी एक दलित व्यक्ति की 19 वर्षीय बेटी और 12 वर्षीय बेटा 31 अगस्त की रात छप्पर के नीचे चारपाई पर सो रहे थे। रात करीब दो बजे भाई-बहन पर तेजाब फेंक दिया गया था। इससे दोनों झुलस गए थे।
युवती के चेहरे पर तेजाब की छीटें पड़ीं, जबकि शरीर के अन्य हिस्से में तेजाब अधिक पड़ने से वह गंभीर रूप से झुलस गई थी। मामले में तोमरदास का पुरवा गांव के रहने वाले बबलू लोध के खिलाफ केस दर्ज करके उसे जेल भेजा था।
बताते हैं कि बबलू और युवती का प्रेम-प्रसंग चल रहा था। बाद में दोनों में अनबन हो गई। युवती दूसरी जगह शादी कर रही थी। बबलू इसका विरोध कर रहा था।
उसने रायबरेली शहर के एक दुकान से तेजाब खरीदा। इसके बाद गांव पहुंचकर घटना को अंजाम दिया था। युवती और उसके भाई का केजीएमयू में इलाज चल रहा था।
रविवार सुबह करीब 11 बजे युवती ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। कोतवाल नारायण कुशवाहा ने बताया कि युवती की मौत की जानकारी मिली है।