रायबरेली। सलोन कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने सोमवार को मुठभेड़ के दौरान लूट के मामले में फरार एक इनामी अपराधी को दबोच लिया। पुलिस और अपराधी के बीच जवाबी फायरिंग हुई। इसमें अपराधी के पैर में गोली लगी जिससे वह घायल हो गया। गनीमत रही कि अपराधी की फायरिंग में पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। घायल अपराधी का जिला अस्पताल में इलाज कराया गया। एसपी श्लोक कुमार ने जिला अस्पताल पहुंचकर अपराधी से पूछताछ की।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रतापगढ़ जिले के कुरैशी का पुरवा मजरे राहा टीकर गांव निवासी मोनू उर्फ शकील लूट के मामले में फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी न होने पर 25 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित किया गया था। सोमवार की भोर सूचना मिली कि मोनू सलोन क्षेत्र के वीरभानपुर पुलिया के पास छिपा हुुआ है। इस सूचना पर कोतवाल संजय त्यागी और एसओजी टीम प्रभारी अमरेश कुमार त्रिपाठी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस को आता देख अपराधी ने तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की तरफ से भी जवाबी फायरिंग की गई। पुलिस की फायरिंग में एक गोली मोनू के पैर में लगी जिससे वह घायल हो गया। एसपी ने बताया कि पकड़े गए अपराधी के पास से एक तमंचा, लूट की घटना में प्रयुक्त की गई बाइक व लूटे गए 1300 रुपये बरामद किए गए हैं।
एसपी ने बताया कि पकड़े गए मोनू उर्फ शकील का आपराधिक इतिहास लंबा है। रायबरेली और प्रतापगढ़ जिले में 19 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसमें गैंगेस्टर, आर्म्स एक्ट, जानलेवा हमला, लूट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज हैं। एसपी ने बताया कि सलोन कोतवाली क्षेत्र में मोनू ने लूट की घटना को अंजाम दिया था। उसके साथी को उस समय जेल भेज दिया गया था जबकि मोनू फरार चल रहा था। उसकी तलाश काफी समय से की जा रही थी।