रायबरेली। जिले में कोरोना की तीसरी लहर का डंक ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को संक्रमित कर रहा है। महज 15 दिन में ही संक्रमित मिले 1000 मरीजों में तकरीबन 720 मरीज ग्रामीण क्षेत्रों के हैं।
संक्रमित मिले तकरीबन 72 फीसदी ग्रामीण और महज 28 फीसदी लोग शहर में रहने वाले हैं। गांवों में खतरा बढ़ने के बाद भी लोग बेफिक्र हैं। न मास्क लगा रहे हैं और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। उनकी यह नादानी दूसरों को भी खतरे में डाल सकती है।
जिले में कोरोना का कहर चरम पर पहुंच गया है। 15 दिन में ही जिले में करीब एक हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो गए हैं।
खास बात यह है कि इस बार भी कोरोना का संक्रमण ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से फैल रहा है। अब तक आई जांच रिपोर्ट में 72 प्रतिशत मरीज ग्रामीण क्षेत्रों के ही पॉजिटिव मिले हैं।
जांच की तुलना में शहरी क्षेत्रों में संक्रमित मरीजों की संख्या कम है। जिले में अब तक कुल संक्रमितों में 28 प्रतिशत शहरी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले साल की ही तरह खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
गांवों में एहतियात न बरतने के कारण बड़ी समस्या इस बार भी सामने आ सकती है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार पहुंचने वाले लोग बिना मास्क के ही दिखाई देते हैं। कोरोना प्रोटोकॉल का ग्रामीण क्षेत्रों में पालन नहीं किया जा रहा है।
जिले में कोरोना का संक्रमण
जिले में 15 दिन में पॉजिटिव केस 1000
ग्रामीण क्षेत्रों के पॉजिटिव मरीज 720
शहरी क्षेत्र के पॉजिटिव केस 280
मौजूदा समय एक्टिव मरीज 832
15 दिनों में कोरोना से जंग जीतने वाले लोग 250
कोरोना से बचने को मास्क जरूर लगाएं : डॉ. मनीष
आरबीएसके प्रभारी डॉ. मनीष सिंह राजपूत का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग तनिक भी अपनी सुरक्षा को लेकर ध्यान नहीं दे रहे हैं। घर से निकलने पर मास्क का प्रयोग करें तो कोरोना के संक्रमण से खुद के साथ ही अपने परिवार के लोगों को बचा सकते हैं। लापरवाही के कारण ही ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण बढ़ रहा है। लोगों से अपील है कि घर से जब भी निकलें, चेहरे पर मास्क जरूर लगाएं। भीड़भाड़ में जाने से बचें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।
कोरोना की तीसरी लहर में ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। हालांकि जांच जिले भर में कराई जा रही है। लोग संक्रमण से बचने के लिए एहतियात बरतें, जिससे कोरोना का हराया जा सके।
डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ