डीह (रायबरेली)। थाना क्षेत्र में रविवार तड़के एक सियार ने चार गांवों में पहुंचकर आतंक मचाया। एक के बाद एक दरवाजे पर सो रहे 10 लोगों को हमला कर घायल कर दिया। ग्रामीणों की मदद से घायलों को सीएचसी डीह पहुंचाया, जहां से दो बच्चों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों ने घेराबंदी करके सियार को दौड़ाया, लेकिन वह जंगल में छिप गया।
डीह थाने में तैनात होमगार्ड सुरेंद्र कुमार की ड्यूटी कंचनावा गांव में लगी थी। रविवार सुबह एक सियार ने होमगार्ड पर हमला कर दिया। इसके बाद सियार ने गोंदहिया मजरे अहल गांव निवासी शिवबहादुर (62), यशोदा (60), शमशाद (60), बबिता (23), बाबूलाल (60), नेहा (8), पूरे खेलारी मजरे जगदीशपुर गांव की रहने वाली रामप्यारी (60), आदर्श (3), पूरे मैकी गांव की रहने वाली करिश्मा (10) को सोते समय काट लिया।
गांव के लोग घायलों को सीएचसी डीह ले गए, जहां नेहा और आदर्श की हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। सियार के हमले की खबर से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. तारिक इकबाल ने बताया कि सियार के हमले में घायल लोगों का इलाज कर उन्हें घर भेज दिया गया। दो बच्चों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
घर से बाहर निकलने में कतरा रहे लोग
चार गांवों में सियार के हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोग घरों से निकलने से कतरा रहे हैं। ग्रामीण अपने बच्चों को अकेला नहीं छोड़ रहे हैं। उन्हें डर सता रहा है कि पता नहीं कब सियार आकर हमला कर दें। लोगों में दहशत का माहौल है।
रेंजर की अगुवाई में टीम खोज रही सियार
सलोन रेंजर नागेंद्र पटेल की अगुवाई में फॉरेस्टर अभिषेक सिंह, वनरक्षक गंगासागर, माली जमुना प्रसाद को गांवों में जाकर सियार को पकड़ने के लिए कहा गया है। टीम गांवों में पहुंची, लेकिन सियार को पकड़ने में कामयाब नहीं हो सकी। टीम लोगों से बात करके जानने का प्रयास कर रही है कि हमला करने वाला सियार ही था या फिर और कोई जानवर था।
डीह थाना क्षेत्र के चार गांवों में सियार के हमले में 10 लोगों के घायल होने की जानकारी हुई है। वन विभाग की टीम गठित करके सियार को पकड़ने के लिए भेजा गया है। जल्द सियार को पकड़ लिया जाएगा।
सुरेश पांडेय, डीएफओ