यूपी के दिग्गज नेता ब्रजेश पाठक बसपा का दामन छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। उनका बसपा छोड़ने के पीछे उनका जो मकसद है वो है यूपी का विकास। पूर्व सांसद ब्रजेश पाठक का कहना है कि उन्होंने प्रदेश के विकास के लिए बसपा से नाता तोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं।
प्रदेश की कानून व्यवस्था का हाल सभी जानते हैं। ऐसे में ब्रजेश पाठक को भाजपा से उम्मीद है कि वो यूपी का विकास करेगी। मायावती पर टिकट बेचने का आरोप लगाकर कई बड़े नेता बसपा छोड़ चुके हैं।
हरदोई के रहने वाले बृजेश पाठक ने लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति से सियासी जीवन की शुरुआत की और छात्रसंघ अध्यक्ष भी चुने गए। पहले कांग्रेस में फिर बृजेश बसपा में शामिल हो गए और 2004 में उन्नाव लोकसभा सीट पर बसपा प्रत्याशी के रूप में सांसद निर्वाचित होने के बाद राष्ट्रीय राजनीति के गलियारों में चर्चा में आ गए।
देश व प्रदेश के विकास को अपनी प्रथमिकता मानने वाले ब्रजेश पाठक राजनीतिक के गलियारों का जाना पहचाना नाम है। अपने क्षेत्र में जनता के बीच हमेशा संपर्क बनाए रखते हैं। क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर समय-समय पर प्रदेश की सरकार को लताड़ते रहते हैं।
खुद से जो भी बनता है वो जनता की सेवा में लगाते हैं। जैसा की ब्रजेश पाठक अब बीजेपी में हैं तो अब उनका मकसद प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को बड़ी जीत दिलाना है।