उत्तर प्रदेश के वाराणसी के लमही में मुंशी प्रेमचंद के घर को राष्ट्रीय संग्रहालय के तौर पर विकसित किया जाएगा। संस्कृति विभाग की पहल पर राजकीय संग्रहालय निदेशक अजय कुमार पांडेय ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है।
ब्रिटेन में शेक्सपीयर की याद में बने संग्रहालय की तर्ज पर मुंशी जी के गांव लमही में लाइव म्यूजियम बनाने की योजना है। इस पर करीब ढाई करोड़ खर्च होंगे।
कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद के दो मंजिला भवन का रंग-रोगन कराया जा रहा है। विकास प्राधिकरण के अभियंताओं की देखरेख में पुराने कमरों की मरम्मत करा ली गई है। अब राज्य सरकार प्रेमचंद के इसी घर को संग्रहालय बनाएगी।
राजकीय संग्रहालय के निदेशक ने इसकी रूपरेखा तैयार कर ली है। ब्रिटेन में जिस तरह शेक्सपीयर के घर को म्यूजियम बना दिया गया है, उसी तरह लमही में प्रेमचंद की स्मृतियों को संजोया जाएगा। उनके घर के कमरों को उसी तरह सजाया जाएगा, जैसे वे उनके जीवनकाल में थे।
क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र प्रमुख डॉ. रत्नेश वर्मा ने बताया कि जिस तरह मुंशी जी लालटेन की रोशनी में बैठकर कहानियां लिखते थे, उसी तरह का स्वरूप म्यूजियम में दिखेगा।
कलम, छाता, छड़ी के अलावा जिन वस्तुओं का वह इस्तेमाल करते थे, वे भी वहां दिखेंगी। घर के पास स्थित उस कुएं को भी दुरुस्त कराया जाएगा, जहां प्रेमचंद अक्सर बैठा करते थे।
भवन के आधार पर म्यूजियम की डिजाइन तैयार होगी। इसके लिए प्रेमचंद के घर की तस्वीरें राजकीय संग्रहालय को भेज दी गई हैं।