जलनिगम से घपले का जिन्न निकलते ही अधिशासी अभियंता लंबी छुट्टी पर चले गए हैं। उनके अनिश्चितकालीन मेडिकल लीव पर जाने के बाद शासन ने मिर्जापुर में तैनात रहे एके सिंह को जिले की जिम्मेदारी सौंपी है।
जलनिगम कार्यालय के घपले की भेंट चढ़ते ही यहां पर तैनात रहे अधिशासी अभियंता बीमारी का कारण बता मेडिकल लीव (स्वास्थ्य अवकाश) पर चले गए। एक्सईएन ओमवीर सिंह के अनिश्चितकालीन मेडिकल पर जाने के बाद शासन ने मिर्जापुर जिले में तैनात रहे एके सिंह की जिले में तैनाती की है।
दरअसल, सदर विकास खंड के पूरेरायजू पेयजल इकाई में 19 लाख रुपये घपले की रिपोर्ट एक्सईएन ओमवीर सिंह ने ही दर्ज कराई थी। अभी दो और जांच लंबित हैं। जांच के इस पचड़े से बचने के लिए ओमवीर सिंह ने जिला छोड़ने का फैसला कर लिया। उन्होंने अवकाश लेना उचित समझा। हालांकि उनके अवकाश पर जाते ही शासन ने नए एक्सईएन की तैनाती करके यह साफ कर दिया है जिले की संवेदनशीतला को लेकर शासन में बैठे अधिकारी भी चिंतित हैं।
जूनियर इंजीनियरों ने सांकेतिक किया प्रदर्शन
जलनिगम के जूनियर इंजीनियरों ने सोमवार को सांकेतिक प्रदर्शन कर स्वच्छता अभियान और पेयजल को योजना एक ही विभाग से संचालित करने की मांग की है। उप्र जलनिगम समन्वय समिति बैनर तले तीन से पांच बजे तक चले धरना-प्रदर्शन में अपनी आवाज बुलंद की। इस मौके पर सत्यप्रकाश यादव, आरएस वर्मा, प्रदीप कुमार, राहुल सिंह, चंचल कुमार जौहर आदि मौजूद रहे।