नगर कोतवाली के पीछे न्यू कालोनी बाबागंज में सोमवार की सुबह किराना दुकानदार के मकान के बेसमेंट में बने गोदाम में शार्ट सर्किट से आग लग गई। इससे करीब 25 लाख रुपये का नुकसान हो गया। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
नगर कोतवाली के न्यू कालोनी बाबागंज वार्ड में दिनेश कसौधन उर्फ पिंकू पुत्र जमुना दयाल कसौधन का मकान है। दिनेश की वाचनालय मार्केट में किराना और रेडीमेड बर्तन की दुकान है। उसका भाई रूपेश कुमार भी किराने की दुकान चलाता है। दिनेश ने मकान के बेसमेंट को गोदाम बना रखा था। जिसमें दुकान के सामान रखे हुए थे। वह पहली मंजिल पर परिवार समेत रहता था। सोमवार की सुबह करीब सवा आठ बजे बेसमेंट से धुआं उठने लगा।
यह देख दिनेश के परिवारीजन शोर मचाने लगे। शोरशराबा सुनकर आसपास मौजूद लोग दौड़ पड़े। लोग आग बुझाने में जुट गए, लेकिन आग और भड़क गई। इस पर लोगों ने फायरब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में प्रभारी एफएसओ आग बुझाने के लिए दो टैंकर लेकर पहुंचे। जवान आग बुझाने में जुट गए। धुआं भरा होने के कारण बेसमेंट में बने गोदाम के भीतर लोग एक कदम नहीं बढ़ पा रहे थे। बाहर से पानी डालकर आग बुुझाने का काम होता रहा।
इस बीच दूसरे फायर स्टेशनों से पानी लेकर टैंकर पहुंचे। पांच घंटे बाद करीब सवा एक बजे आग पर पूरी तरह से काबू पाया जा सका। इसके बाद जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। अगिभनकांड में तब तक लाखों रुपये की सामग्री जलकर राख हो चुकी थी। प्रभारी एफएसओ ने बताया कि आग से नुकसान का आंकड़ा निकाला जा रहा है। लगभग 25 लाख रुपये क्षति का अनुमान है।
जान जोखिम में डालकर निकाली गाय व बछिया
न्यू कालोनी बाबागंज निवासी दिनेश कसौधन उर्फ पिंकू मकान के बेसमेंट को गोदाम बना रखा था। बेसमेंट में एक किनारे गाय व बछिया भी बांधता था। आग लगने के बाद जब बेसमेंट से धुआं निकलने लगा तो सब लोगों के हाथ पैर फूल गए। बेसमेंट में गाय व बछिया बंधी होने की खबर मिली तो मोहल्ले का रहने वाला कंधईलाल बेजुबान की जिंदगी बचाने के लिए अपना जीवन दांव पर लगा दिया। आग लगने के बाद गाय व बछिया पर चिल्ला रहे थे। युवक सीधे भीतर घुसा और गाय व बछिया खोलकर भगा दिया। जिससे दोनों की जान बच गई।
समय पर निकाला गैस सिलेंडर, बचा बड़ा हादसा
दिनेश के मकान के भीतर बने गोदाम में गैस सिलेंडर भी रखा था। धुआं उठता देख अनहोनी की आशंका से हर कोई परेशान हो उठा। अचानक दिनेश को गैस सिलेंडर भीतर रखे होने की याद आई। जिसके बाद कुछ युवक जान पर खेलकर भीतर घुसे और सिलेंडर को समय रहते बाहर निकाला। जिसके चलते बड़ा हादसा होने से बच गया।
जान बचाकर भागे पड़ोसी, दहशत में रहे लोग
न्यू कालोनी बाबागंज के पार्क में सोमवार की सुबह हर दिन की तरह चहल पहल थी। लगभग आठ बजे तक वहां मौजूद लोग अपने घरों को रवाना हुए। इस दौरान दिनेश के घर में आग नहीं लगी थी। लगभग सवा आठ बजे बेसमेंट से धुआं उठने लगी। मकान के भीतर में आग लगी देख पड़ोसी डा. आरपी सिंह व रविंद्र के परिजन परेशान हो उठे। वे सुरक्षित स्थान की ओर भागे। महिलाओं व पुरुषों ने पार्क को सुरक्षित समझा। आग से पड़ोसियों के मकानों की दीवारें भी चटक गईं। जिसके बाद वहां लोगों की भीड़ लग गई। आग बुझने तक हर कोई दहशत में रहा। पड़ोसी भी दिनेश के मकान के बेसमेंट में गोदाम होने से अनभिज्ञ थे।
आसपास के लोगों ने दिखाई दरियादिली
न्यू कालोनी बाबागंज में व्यापारी के गोदाम में लगी आग को बुझाने के लिए आसपास के लोगों ने दरियादिली दिखाई। फायर ब्रिगेड के टैंकर का पानी खत्म हो गया। दूसरा टैंकर आग बुझाने लगा। लोगों को लगा कि कुछ ही देर में उस टैंकर का पानी भी खत्म हो जाएगा। जिसके चलते आसपास के तीन घरोें से पाइप लगाकर टैंकर में पानी भरा जाने लगा। पहले लाइन कटवा दी गई थी लेकिन दिनेश के घर की लाइन डिसकनेक्ट करने के बाद फिर से बिजली आपूर्ति बहाल कराई गई। जिसके बाद टैंकर में पानी भरा जाने लगा। हालांकि फायरब्रिगेड ने आग बुझाने के लिए आसपास के फायर स्टेशनों से छह टैंकर पानी मंगा लिए थे। आग पर काबू पाने के लिए 15 टैंकर पानी का प्रयोग किया गया।
दूसरी मंजिल पर भी बना रखा है गोदाम
न्यू कालोनी बाबागंज में रिहायशी मकान को गोदाम बनाने से कारोबारी दिनेश कसौधन पीछे नही रहा। दुकान से लेकर मकान में बने गोदाम में स्टाक फुल था। बेसमेंट के अलावा दूसरी मंजिल पर भी दुकान में बिक्री के लिए सामान रखा हुआ था। यदि आग की लपटें ऊपरी मंजिल तक पहुंचती तो बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता था।
फायरब्रिगेड और कोतवाली पुलिस के पास नहीं था जवाब
शहर के रिहायशी मकानों में गोदाम बनाने की अनुमति कारोबारियों को किसने दी है। इसका जवाब न तो तहसील प्रशासन के पास है और न ही फायरब्रिगेड के पास। प्रभारी एफएसओ आग बुझाने में जुटे रहे। फुर्सत मिलने पर बोले कि उनके यहां से बेसमेंट के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है। मौके पर शहर कोतवाल पहुंचे जरूर लेकिन कुछ देर ठहरने के बाद वह चौकी व वज्र वाहन के पुलिसकर्मियों को तैनात कर चले गए। इसके अलावा कोई भी अधिकारी वहां नजर नहीं आया।