महिला अस्पताल में लगी मरीजों की भीड़। संवाद
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सौ बेड के महिला अस्पताल की ओपीडी में गर्भवती महिलाओं को सामान्य परीक्षण कराने के लिए दो से तीन घंटे तक लाइन लगानी पड़ रही है। ओपीडी में दो डाक्टरों के भरोसे रोजाना लगभग दो सौ महिलाओं का उपचार किया जा रहा है। डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए सीएमएस ने कई बार पत्राचार किया, लेकिन अब तक कुछ नहीं हो सका है।
ओपीडी में दो महिला रोग विशेषज्ञ किसी तरह महिलाओं का उपचार कर रही हैं। ग्रामीणों इलाकों से आने वाली महिलाएं पर्चा बनवाने के बाद दो से तीन घंटे तक लाइन में लगी रहती हैं। ओपीडी कक्ष के पास लंबी लाइन लगी होने की वजह से गंभीर महिला रोगियों का समय पर उपचार नहीं हो रहा। इसकी वजह से वह मजबूरी में इमरजेंसी में उपचार कराने पहुंच रही हैं।
दलाल लेकर भाग रहे मरीज
महिला अस्पताल की ओपीडी के बाहर महिला मरीजों की भीड़ में चुपके से दलाल पहुंच रहे हैं। तत्काल बेहतर उपचार का दावा कर दलाल महिला मरीजों को नर्सिंगहोम ले जाते हैं। महिला अस्पताल से नर्सिंगहोम मरीजों को लेकर पहुंचने पर दलालों को कमीशन दिया जाता है।
महिला अस्पताल में इस समय पर्याप्त डाक्टर आ गए हैं, लेकिन जूनियर डॉक्टरों को ओपीडी का जिम्मा नहीं दिया जा सकता है। विशेषज्ञ डाक्टर जब वार्ड में मरीजों का परीक्षण करने जाते हैं तब ओपीडी के बाहर लंबी कतार लग जाती है।
रीना प्रसाद, सीएमएस, महिला अस्पताल