अब एमडीएम में बच्चों को ताजे फल और दूध भी मिलेंगे। जिले के 2244 स्कूलों में एमडीएम के लिए 7.51 करोड़ रुपये का बजट जारी हो गया। स्कूल खुलने के बाद शासन ने पहली बार एमडीएम खाते में कनवर्जन कास्ट भेजने के लिए बजट जारी किया है।
जिले के प्राइमरी, मिडिल, सहायता प्राप्त 78, और 34 राजकीय स्कूलों में दोपहर का भोजन परोसने के लिए कनवर्जन कास्ट के रूप में 7.50 करोड़ रुपये भेजे जा रहे हैं। बुधवार को शाम तक यह धनराशि खाते में अंतरित हो जाएगी। अभी तक कनवर्जन कास्ट के रूप में मिलने वाली धनराशि सीधे बच्चों के अभिभावकों के खाते में अंतरित की जा रही थी। मगर अब स्कूल खुल गए हैं और बच्चों को पका-पकाया भोजन परोसा जा रहा है।
इसलिए यह रकम अब स्कूलों के एमडीएम खाते में भेजी जा रही है। बच्चों को प्रत्येक सोमवार को ताजा मौसमी फल और बुधवार को दूध पीने को दिया जाता है। स्कूलों में कनवर्जन कास्ट की धनराशि नहीं मिलने से अधिकांश स्कूलों में फल और दूध का वितरण बंद कर दिया गया था। मगर, अब बच्चों को फल और दूध देने में कोई बहाना नहीं चलेगा। जिले के सभी स्कूलों को तीन-तीन माह की कनवर्जन कास्ट एमडीएम खाते में भेजा जा रहा है। शिक्षक इस धनराशि से बच्चों को पौष्टिक भोजन फल और दूध वितरित कर सकेंगे।
बच्चों के खाते में भेजी गई रकम हुई वापस
कोरोना संक्रमण काल में स्कूलों के बंद होने पर अभिभावकों के खाते में भेजी गई कनवर्जन कास्ट की रकम अधिकांश अभिभावकों के खाते में न जाकर वापस विद्यालय के खाते में आ गई है। दरअसल, ग्रामीणों के काफी समय से बैंकों में लेनदेन नहीं करने से अधिकांश खाते बंद हो गए थे। इसलिए धनराशि का भुगतान खाते में नहीं हो पाई और वह स्कूलों के खाते में आ गई है। अब स्कूल खुल गए हैं ऐसे में वह धनराशि भेजने की पहल भी नहीं कर रहे हैं।
जिले के स्कूलों को पहले चरण में तीन-तीन माह का कन्वर्जन कास्ट भेजा जा रहा है, बच्चों को नियमित रूप से फल और दूध देने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। सुधीर कुमार सिंह, प्रभारी बीएसए
mid day meal