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प्रतापगढ़: उदय प्रताप सिंह का धरना दूसरे दिन भी जारी, मनाने पहुंचे डीएम-एसपी ने साथ बैठकर खाया खाना

Thu, 04 Aug 2022 03:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

उदय प्रताप सिंह को मनाने के लिए अधिकारी जुटे हुए हैं। गुरुवार को पहुंचे डीएम और एसपी ने उनके साथ बैठकर खाना खाया और काफी मनाने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं बनी। उदय प्रताप का कहना है कि जब तक गेट नहीं हटाया जाता वह धरना जारी रखेंगे।
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कुंडा तहसील में धरने पर बैठे उदय प्रताप सिंह के साथ भोजन करते डीएम और एसपी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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कुंडा के शेेखपुर आशिक गांव में मोहर्रम को लेकर बनाए गए गेट को हटाने की मांग को लेकर पूर्व मंत्री और कुंडा विधायक राजाभैया के पिता उदय प्रताप सिंह बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी तहसील में धरने पर बैठे रहे। इससे पहले बुधवार रात में डीएम-एसपी उन्हें मनाने पहुंचे। साथ बैठकर भोजन किया, लेकिन वे तैयार नहीं हुए। 

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कुंडा के शेखपुर आशिक गांव में मोहर्रम को लेकर सड़क पर एक मस्जिदनुमा गेट बनाया गया है। इसे हटवाने के लिए भदरी किला निवासी उदय प्रताप सिंह बुधवार को तहसील में धरने पर बैठ गए। इसकी जानकारी होने पर एसडीएम, सीओ और बाद में दो बार एडिशनल एसपी उन्हें मनाने पहुंचे, लेकिन वे तैयार नहीं हुए। उधर, शेखपुर में पीएसी के साथ पुलिस मार्च करती रही। तहसील में उदय प्रताप के समर्थकों की संख्या बढ़ती चली गई। राजाभैया के दोनों बेटे बृजराज सिंह व शिवराज सिंह भी धरनास्थल पर पहुंच गए। 

कुंडा तहसील में धरने पर बैठे उदय प्रताप सिंह के साथ भोजन करते डीएम और एसपी। - फोटो : अमर उजाला।
रात करीब साढ़े दस बजे जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल और एसपी सतपाल अंतिल उन्हें मनाने पहुंचे। दोनों अधिकारी धरनास्थल पर उनके पास जाकर बैठ गए। उनके साथ खाना खाया। अफसरों ने जब धरना खत्म करने की बात कही तो उदय प्रताप गेट हटवाने की जिद पर अड़ गए।
 
 
असमर्थता जाहिर करने पर उदय प्रताप ने उन्हें सॉरी बोलकर वहां से जाने के लिए कह दिया। डीएम-एसपी रात करीब डेढ़ बजे तक एसडीएम कार्यालय में बैठे रहे। इसके बाद मुख्यालय लौट आए। रात में धरनास्थल पर हनुमान चालीसा का पाठ और सुबह संकीर्तन चलता रहा।

कुंडा तहसील में धरने पर बैठे उदय प्रताप सिंह के साथ भोजन करते डीएम और एसपी। - फोटो : अमर उजाला।
एमएलसी अक्षय प्रताप भी पहुंचे 
रात करीब 11 बजे धरनास्थल पर एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी भी पहुंच गए। उन्होंने उदय प्रताप से गेट हटाने को लेकर बातचीत की। बाद में वह एसडीएम कार्यालय में चले गए।
 

भदरी किला से आया भोजन, डटे रहे प्रधान और ब्लॉक प्रमुख  
तहसील में बुधवार रात कुंडा के चारों ब्लॉकों के प्रमुखों के साथ ही प्रधानों का मजमा लगा रहा। लगभग सभी ग्राम सभाओं के प्रधान मौजूद रहे। सभी के लिए भदरी किला से भोजन आया। खाना खाने के बाद सभी लोगों ने अधिवक्ताओं के बस्ते और बेंच पर रात गुजारी। 

कुंडा तहसील में धरने पर बैठे विधायक राजाभैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह। - फोटो : अमर उजाला
पूजा करने के लिए गए भदरी किला, फिर लौट आए
बृहस्पतिवार सुबह कुछ देर के लिए पूजा करने उदय प्रताप सिंह भदरी किला गए। फिर वहां से धरनास्थल पर लौट आए। प्रशासन उन्हें किले में ही रोकने की रणनीति बना रहा था, लेकिन तब तक वह धरनास्थल पर पहुंच गए।
 

बृहस्पतिवार को उदय प्रताप के समर्थक सुबह से ही तहसील पहुंचते रहे। देर रात तक जागने के कारण उदय प्रताप सिंह सुबह देर तक लेटे रहे। उठने के बाद उन्होंने पूजा करने की इच्छा जताई। इसके बाद वह भदरी किला चले गए। वहां पर उन्होंने स्नान ध्यान और पूजा की। इसके बाद लौट आए। इसके बाद धरनास्थल पर भीड़ लगी रही। दोपहर बाद नारेबाजी भी की जाने लगी। इसके साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ और संकीर्तन भी चलता रहा। 
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कुंडा तहसील में धरने पर बैठे उदय प्रताप सिंह के साथ भोजन करते डीएम और एसपी। - फोटो : अमर उजाला।
समर्थन में आमरण अनशन पर बैठा युवक
तहसील में चल रहे धरने के समर्थन में आयुष सिंह नामक युवक आमरण अनशन पर बैठ गया है। बाबागंज के रायअसकरनपुर गांव निवासी इस युवक ने उदय प्रताप सिंह के धरनास्थल के बगल ही अनशन शुरू कर दिया है। 
 

रात में बिगड़ गई थी उदय प्रताप की तबीयत 
बुधवार रात उदय प्रताप सिंह की तबीयत खराब हो गई। उनका बीपी लो हो गया। इस पर सीएचसी से चिकित्सकों को बुलाया गया। चिकित्सकों ने उनका इलाज किया। उन्हें आराम करने के लिए कहा गया। वह धरनास्थल पर ही बिना बिस्तर के लेट गए। थोड़ी देर में फिर से वह लोगों से बातचीत करने लगे।
 

पांच अगस्त को बंद का आह्वान 
पांच अगस्त को कुंडा में बंद का आह्वान किया गया है। हालांकि किसी ने भी इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है। व्यापारियों की तरफ से जगह-जगह बंद रखने की बात लिखी गई है। इसमें तहसील में चल रहे धरने को समर्थन देने की भी बात की गई है।
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