जिला उद्यान अधिकारी और उनके कार्यालय के कर्मचारियों पर लगे आरोपों की जांच के लिए उपनिदेशक प्रयागराज पंकज शुक्ल के साथ जांच टीम बृहस्पतिवार को कार्यालय पहंची। हालांकि निलंबित बाबू के न आने के कारण जांच नहीं हो पाई। आलमारी की चाबी न होने से फाइलों का अवलोकन नहीं किया जा सका। इधर, कर्मचारियों से पूछताछ के बाद महिला सहायक कनिष्क अमीषा का स्थानांतरण प्रयागराज कर दिया गया। निलंबित किए गए उर्दू अनुवादक नौशाद अहमद को 7 जून तक का समय दिया गया है।
जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सीमा सिंह राणा के पति पर महिला कर्मचारी अमीषा कुमारी के प्रताड़ित करने का आरोप लगाने के बाद कार्यालय में काफी दिनों से गहमागहमी चल रही थी। इस बीच कार्यालय के उर्दू अनुवादक नौशाद अहमद को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद तो आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया।
जिला उद्यान अधिकारी ने उर्दू अनुवादक नौशाद अहमद पर कार्य में मनमानी का आरोप लगाया। इसके बाद नौशाद अहमद ने भी अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर विभिन्न योजनाओं में करोड़ों रुपये के भुगतान की जांच की मांग की। सीडीओ ईशा प्रिया ने मामले की जांच के लिए उपनिदेशक प्रयागराज पंकज शुक्ल को पत्र लिखा था। इस पर उपनिदेशक ने खुद के साथ चार सदस्यीय जांच टीम गठित की।
बृहस्पतिवार को कार्यायल में जांच टीम के आने की सूचना निलंबित बाबू नौशाद को दी गई थी। दोपहर करीब दो बजे उपनिदेशक पंकज शुक्ल जांच टीम के साथ कार्यालय पहुंचे लेकिन, निलंबित उर्दू अनुवादक नौशाद अहमद नहीं आया। आलमारी का चाबी उसी के पास होने के कारण अभिलेखों की जांच नहीं हो सकी।
टीम ने कर्मचारियों से पूछताछ की। इसके बाद उपनिदेशक ने महिला सहायक कनिष्क का स्थानांतरण प्रयागराज करने का निर्देश दिया। इधर, निलंबित बाबू नौशाद अहमद की मौजूदगी न होने से जांच पूरी नहीं हो पाई। उप निदेशक उद्यान पंकज शुक्ला ने बताया कि निलंबित बाबू को अब सात जून को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है।