अभी तक नगर पालिका व नगर पंचायत क्षेत्र में मकान बनाने के लिए लोगों का नक्शा पास कराना होता था, मगर अब इस दायरे में गांव भी आएंगे। गांवों में मकान बनवाने के लिए लोगों को अब जिला पंचायत से नक्शा पास कराना जरूरी होगा। नक्शा स्वीकृति के लिए जिला पंचायत में आवेदन करना होगा। कोरोना महामारी का प्रकोप कम होने के बाद अब जिला पंचायत की टीम सक्रिय हो गई है। नक्शा स्वीकृत न कराने वाले लोगों पर कार्रवाई भी हो सकती है।
नगर निकाय क्षेत्रों में मकान बनाने वालों को अभी तक नक्शा स्वीकृत कराना होता था, मगर अब जिला पंचायत क्षेत्र में भी मकान व व्यावसायिक गतिविधियों के कांपलेक्स के लिए नक्शा स्वीकृत कराना होगा। शासन ने 24 जुलाई को गांवों में नक्शा स्वीकृत कराने वालों को ही नया मकान बनाने की अनुमति देने की बात कही थी। इस पर नियमावली तैयार कर मंडलायुक्त को पत्र भेजा जा चुका है। नया निर्माण कराने वाले को ही नक्शा स्वीकृत कराना होगा।
पूर्व में बने मकानों पर यह नियम लागू नहीं होगा। मौजूदा समय में लोग व्यवसाय के नजरिए से गांवों में भी मकान बनवा रहे हैं। इसके लिए लोगों को पहले जिला पंचायत से नक्शा पास कराना होगा। अन्यथा उसके खिलाफ जुर्माना और निर्माण के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। जिले की 1193 ग्राम पंचायतें जिला पंचायत के दायरे में हैं, जहां सरकारी और निजी क्षेत्र में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भवन निर्माण का कार्य चल रहा है।
व्यावसायिक निर्माण के लिए सौ रुपये प्रति वर्गमीटर शुल्क
शासन से हुए गजट के अनुसार व्यावसायिक भवन की श्रेणी में आवास के लिए भूमि की प्लाटिंग, हॉस्पिटल का निर्माण, गोदाम, मॉल, पार्क, उद्यान, फार्म हाउस, दुकान, रेस्टोरेंट का निर्माण, कोचिंग सेंटर निजी स्कूल का निर्माण आदि को शामिल किया गया है। आवासीय और शैक्षणिक संस्थान पर 25 रुपये, जबकि व्यावसायिक भवन के लिए 100 रुपये प्रतिवर्ग मीटर शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अलावा बाउंड्रीवाल के लिए एक सौ रुपये प्रतिवर्ग मीटर का शुल्क तय किया गया है। नक्शा पास होने पर भवन स्वामी को रजिस्ट्रेशन आदि कराने में फायदा होगा।
कच्चे मकानों व कृषि कार्य वाले भवन स्वामियों को मिलेगी राहत
गांव में बनने वाले कच्चे मकानों व वहां के मूल निवासी के खुद के आवास और कृषि कार्य के लिए बनाए जाने वाले निर्माण पर नक्शा नहीं पास कराना होगा। 300 वर्गमीटर क्षेत्रफल एवं दो मंजिल तक ऊंचे आवासीय भवनों पर नियम लागू नहीं होगा, मगर सुरक्षित डिजाइन और निर्माण की जिम्मेदारी भवन स्वामी को होगी। निर्माण करने से पूर्व जिला पंचायत को प्रार्थना पत्र देना होगा।
शासन के निर्देश के क्रम में मंडलायुक्त कार्यालय पत्राचार किया गया था। गाइडलाइन का अनुपालन कराया जाएगा। नियमों के उल्लंघन पर पर जुर्माना भी लगेगा। -पुनीत वर्मा, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत