प्रतापगढ़। कुंडा इलाके के प्राइमरी स्कूल बानेमऊ का गेट गिरने से छात्रा की मौत के मामले में तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी और जेई एमआई को अफसर बचा रहे हैं। वर्तमान वीडीओ को तो निलंबित कर दिया गया मगर, जिस कर्मचारी ने स्कूल गेट का निर्माण कराया था उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्कूल गेट की एमबी करने वाले जेई एमआई पर भी कार्रवाई नहीं हुई।
कुंडा इलाके के प्राइमरी स्कूल बानेमऊ में 18 मई को स्कूल गेट गिरने से कक्षा तीन की छात्रा वंदना सरोज की मौत हो गई थी। घटना के बाद हरकत में आए अधिकारियों ने 2018 में बने स्कूल के गेट की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए वर्तमान ग्राम विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। जबकि स्कूल गेट का निर्माण कराने वाले तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी और जेई एमआई के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
बीडीओ कुंडा ने पहले बानेमऊ में तैनात रहे और वर्तमान में बिहार ब्लॉक के संयुक्त बीडीओ अशोक कुमार सचान और जेई एमआई फूलचंद्र ओझा को दोषी ठहराते हुए कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। दूसरे ही दिन बीडीओ का दूसरा पत्र आ गया, जिसमें वर्तमान सचिव शेषांक कुमार को दोषी बताया गया है। बीडीओ के दो पत्र आने से अफसरों को मौका मिला और कार्रवाई करने से पहले फिर से बीडीओ से रिपोर्ट मांग ली। डीपीआरओ रविशंकर द्विवेदी का कहना है कि चिह्नित लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए डीएम कार्यालय फाइल भेजी गई है।