हत्या के मामले में सात माह से फरार चल रहे पचास हजार के इनामी को एसटीएफ ने बृहस्पतिवार भोर में दबोच लिया। पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया। पंचायत चुनाव प्रचार के दौरान उसने मारपीट में विरोधियों को गंभीर रूप से घायल देख खुद बचने के लिए अपने करीबी को ही गोली मरवा दी थी।
जेठवारा थाना क्षेत्र के फूलपुर में 17 अप्रैल को बीडीसी सदस्य चुनाव का प्रचार प्रत्याशी कर रहे थे। प्रचार के दौरान ही दो पक्षों में मारपीट हो गई थी। जिसमें एक पक्ष से ऐनुल व नसीम को गंभीर चोटें आईं। दोनों मरणासन्न अवस्था में पहुंच गए। दूसरे पक्ष के वहीद निवासी सिंधौर नौतेरवा को गोली लग गई थी। इलाज के दौरान वहीद की मौत हो गई थी। एसटीएफ ने घटना में शामिल शातिर बदमाश वकील उर्फ मुंडा को कई माह पूर्व गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इस मामले में अयूब निवासी फूलपुर फरार चल रहा था। उसके ऊपर पुलिस की ओर से 50 हजार रुपये का इनाम घोषित हुआ था। सीओ एसटीएफ नावेंदु सिंह ने बताया कि सिंधौर में छिपे होने की जानकारी के बाद टीम के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को दबिश देकर अयूब को दबोच लिया। उसके पास से तमंचा, कारतूस व एक हजार रुपये बरामद हुए। पूछताछ में अयूब ने बताया कि प्रचार के दौरान नसीम व ऐनुल को बुरी तरह वकील उर्फ मुंडा और उन लोगों ने पीटा था।
जिससे दोनों की हालत गंभीर बन गई थी। खुद को फंसते देख वकील उर्फ मुंडा ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपने करीबी वहीद को गोली मारकर घायल कर दिया था। जिससे वह इस मामले में दूसरे पक्ष को फंसा दे। उपचार के दौरान वहीद की मौत हो गई। पकड़े गए अयूब के ऊपर नौ मुकदमे दर्ज हैं। अब तक मुंडा गैंग के चार आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। अभी एक आरोपी साबिर फरार है।