सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिला न्यायालय जेल जाने को पहुंचे सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव। संवाद
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समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव ने मंगलवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी, मगर सुप्रीम के खारिज करने पर उन्होंने सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है।
सपा जिलाध्यक्ष पर पिछले साल मानिकपुर थाना क्षेत्र की दलित महिला ने उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जनपद न्यायालय से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद सपा जिलाध्यक्ष को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। पीड़ित दलित महिला के पक्ष के अधिवक्ता की पैरवी पर सुनवाई कर सुप्रीम कोर्ट ने सपा जिलाध्यक्ष की जमानत निरस्त करते हुए 15 दिन के भीतर जिले की कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर छविनाथ यादव ने मंगलवार को विशेष अपर सत्र न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट की कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। सपा जिलाध्यक्ष के आत्मसमर्पण के दौरान भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। सपा जिलाध्यक्ष के कोर्ट में सरेंडर की जानकारी पुलिस को पहले से थी।
मंगलवार को पुलिस के आला अफसरों सहित भारी संख्या में सिपाहियों की तैनाती कोर्ट के गेट पर रही। करीब 11 बजे सपा जिलाध्यक्ष छविनाथ यादव समर्थकों संग कोर्ट परिसर के बाहर पहुंचे। यहां मौजूद पुलिस टीम ने समर्थकों की भीड़ को रोक कर सपा जिलाध्यक्ष व उनके अधिवक्ताओं को प्रवेश दिया।