कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लगाए गए लॉकडाउन ने संगीन अपराधों पर ब्रेक लगा दिया है, मगर घरेलू हिंसा के मामले में दिन ब दिन बढ़ते जा रहे हैं। आए दिन सास बहू और पति-पत्नी के बीच होने वाली रार कोतवाली पहुंच रही है। रात में पीआरवी को भी ऐसे विवादों को सुलझाने के लिए भागदौड़ करनी पड़ती है। पुलिस के समझौता कराने के बाद भी विवाद होते रहते हैं। इस तरह के विवाद लाकडाउन में बढ़ गए हैं।
महिला सहायता प्रकोष्ठ में कोरोना की पहली लहर को रोकने में लगाए गए लॉकडाउन के दौरान भी घरेलू हिंसा के मामले बढ़ गए थे। पिछले साल अप्रैल से लेकर दिसंबर के बीच पुलिस के पास 1350 से अधिक शिकायती पत्र पुलिस के पास पहुंचे थे। पुलिस ने ऐसे प्रकरणों का निस्तारण भी कराया था। केवल 31 मामलों में मुकदमा दर्ज हुआ था। कुछ दंपती ने अलग होने का फैसला लिया था। जबकि कुछ शिकायती पत्रों की सुनवाई करने के बाद समझौता करा दिया गया था।
शहर के जोगापुर के रहने वाला व्यक्ति पंजाबी मार्केट में स्थित कपड़े की दुकान पर काम करता है। काम धंधा बंद होने पर वह घर पर ही रहने लगा। कुछ दिनों तक सब ठीक रहा। चूंकि उसकी पिछले साल शादी हुई थी। घर का खर्च पूरा करने में दिक्कत होने लगी। जिसे लेकर उनके बीच रार छिड़ गई है। शुक्रवार को पति-पत्नी के बीच पैदा हुए विवाद को सुलझाने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
नगर कोतवाली के दहिलामऊ की रहने वाली महिला ने रविवार को सिविल लाइन पुलिस चौकी पर शिकायत करते हुए बताया कि उसकी बहू बिना किसी वजह के उससे विवाद कर रही है। उसे समय पर खाना नहीं देती। पुलिस ने बहू व बेटे को बुलाया। उनकी बात भी सुनी गई। पता चला कि लाकडाउन में आमदनी बंद होने के चलते सास-बहू के बीच रार छिड़ी रहती है। बहू का कहना था कि वह किसी तरह घर चला रही है। फिलहाल पुलिस ने सास बहू को समझाबुझाकर घर रवाना किया।