मेडिकल कॉलेज में स्थित ब्लडबैंक में खून की कमी हो गई है। सिर्फ तीन यूनिट रक्त बचा है। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। इस समस्या को देखते हुए प्राचार्य डॉक्टर आर्यदेश दीपक ने सोमवार को पूरेकेशवराय स्थित डॉ. सोनेलाल स्वशाषी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में रक्तदान शिविर का आयोजन किया है।
मेडिकल कॉलेज के प्रताप बहादुर अस्पताल के ब्लड बैंक में तीन सौ यूनिट रक्त स्टोरेज की व्यवस्था है। जिले का यह इकलौता ब्लड बैंक है। सरकारी के साथ निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को जरूरत के समय यहीं से खून मिलता है। मौजूदा समय में यहां महज तीन यूनिट खून बचा है। जबकि हर दिन दस से अधिक मरीज ब्लड के ब्लड बैंक आते हैं। खून की कमी से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। डॉक्टरों के खून मांगने पर उन्हें प्रयागराज अथवा सुलतानपुर का चक्कर काटना पड़ रहा है।
सीएमएस डॉक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि रक्तदान शिविरों से ब्लड इकट्ठा किया जाता है, लेकिन तमाम ऐसे लोग भी हैं जो खुद अपने परिवार के सदस्यों के लिए एक यूनिट अपना रक्त नहीं दे सकते हैं। ब्लड बैंक पहुंच जाते हैं और रक्त की मांग करने लगते हैं। शासन का आदेश है कि यदि प्रसव पीड़िताओं को खून की जरूरत पड़े तो उन्हें बगैर डोनर के ही रक्त मुहैया कराया जाए। ऐसे में लोग इसका फायदा उठाते हैं।
लगातार खून की उपलब्धता बनाए रखने के लिए विभिन्न संगठनों के बैनर के तले रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है। शिविर में तमाम महादानी रक्तदान भी करते हैं, मगर लोग रक्तदानियों के पास पहुंचकर उनका डोनर कार्ड ही मांग लेते हैं। कार्ड दिखाकर ब्लड बैंक से खून लेकर चले जाते हैं। इसलिए आज ब्लड बैंक खून की कमी से जूझ रहा है।