प्रतापगढ़। पंचायत चुनाव में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। जिला पंचायत की 57 सीटों में से भाजपा को सिर्फ सात सीटें ही मिल सकी हैं। अन्य सीटों पर उसे बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा है। समाजवादी पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए सत्रह सीटों पर जीत हासिल की है। कुंडा इलाके में पूर्व मंत्री राजाभैया की पार्टी जनसत्ता दल ने बेहतर प्रदर्शन करते 12 सीटों पर कब्जा जमाया है।
पंचायत चुनाव में जिले में बड़ी जीत की उम्मीद में बैठी भाजपा को जोर का झटका लगा है। जिले की सभी 57 सीटों पर पार्टी ने समर्थित प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा था। इसमें 50 प्रत्याशियों को करारी हार का सामना करना पड़ा है। केवल सात सीटों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी जीत हासिल कर सके हैं। सपा ने भी सभी सीटों पर चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों को अपना समर्थन दिया था। भाजपा के मुकाबले मैदान में उतरी सपा ने अपना दमखम दिखाया और उसकी झोली में 17 सीटें आई हैं। कांग्रेस ने भी अपनी परंपरागत रामपुर खास की पांच सीटों पर कब्जा बरकरार रखा है। वहीं बसपा को दो सीटों से संतोष करना पड़ा, जबकि अपना दल एस और निषाद पार्टी को एक-एक सीट हासिल हुई है। हालांकि पार्टी द्वारा अधिक सीटों पर प्रत्याशियों के जीतने का दावा किया जा रहा है। जिला पंचायत सदस्य की सत्रह सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव जीते हैं।
भोर में तीन बजे तक दिए गए प्रमाण पत्र
सदर तहसील में जीते हुए जिला पंचायत सदस्यों को जीत का प्रमाण पत्र तीन बजे भोर तक वितरित किया जाता रहा।सबसे अंत में कुंडा से जीते जनसत्ता दल समर्थित प्रत्याशी अजय यादव को प्रमाण पत्र जारी किया गया। यहां से पहले सपा समर्थित प्रत्याशी तनवीर मिल्की के जीतने की बात सामने आई थी। रात में अजय को प्रमाण पत्र जारी करने के बाद सपाई विरोध करते नजर आए।
निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष उमाशंकर की पत्नी हारीं
निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष उमाशंकर यादव ने बाबागंज प्रथम से अपनी पत्नी सरोज देवी को चुनाव मैदान में उतारा था। वह आंगड़बाड़ी कार्यकर्ता थीं। इस्तीफा देकर सरोज ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा, मगर परिणाम आने वह तीसरे स्थान पर चली गईं। यहां से भाजपा नेता पप्पन सिंह की पत्नी क्षमा सिंह चुनाव जीत गईं। दूसरे स्थान पर सपा की संगीता उपाध्याय रहीं। तीन दिनों तक बिहार, बाबागंज व कुंडा की मतगणना को लेकर सपा भाजपा व जनसत्ता दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे।
जिला पंचायत अध्यक्ष का मुकाबला होगा दिलचस्प
पंचायत चुनाव का परिणाम सामने आने के बाद अब जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर कयासबाजी का दौर शुरू हो गया है। इस बार का चुनाव दिलचस्प होने की संभावना है। जनसत्ता दल जिला पंचायत अध्यक्ष पद की कुर्सी पर कब्जा करने के लिए फिर प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारेगा। वहीं भाजपा भी अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा करने के लिए चुनाव मैदान में प्रत्याशी उतारने की तैयारी करने लगी है। इसके लिए सांसद, विधायक समेत पार्टी के पदाधिकारी सक्रिय हो गए हैं। सपा भी अपना अध्यक्ष बनाने के लिए पूरी ताकत लगाएगी।