सदर बाजार सई किनारे बने एचटीपी प्लांट में पूजन कर शुभारम्भ करते जल निगम के अधिकारी। संवाद
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करोड़ों की लागत से पांच वर्ष पहले सई घाट पर बनकर तैयार सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की मशीनों में जंग लग रहा था। कई रुके हुए कार्यों को जल्द पूरा करने की पहल कर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण ने प्लांट को चालू कराने में सहयोग किया। विभिन्न सड़कों के निर्धारित प्वाइंट पर एसटीपी सहित अन्य कार्य का भूमि पूजन मंगलवार को संपन्न हुआ।
शहर के 25 वार्डों की गंदगी सीधे नदी में न गिरे, इसके लिए दस वर्ष पहले तत्कालीन सांसद के प्रयास से सदर बाजार स्थित बेल्हादेवी मंदिर के पास सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया। शहर में सीवर लाइन बिछाकर इसे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ा जाना था। दस साल बाद सीवर का काम पूरा नहीं हो सका। शहर में सीवर लाइन नहीं बिछाई जा सकी। रुके हुए कार्यों को पूरा कराने के लिए नेताओं के साथ ही जलनिगम के अधिकारियों ने कोई पहल नहीं की।
बंद पड़े प्लांट को चालू कराने के लिए शहर के अष्टभुजानगर निवसी अधिवक्ता टीएस सिंह ने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण में याचिक दायर की। सुनवाई के बाद शहर की सीवरलाइन को जल्द शुरू कराने की पहल हुई। मंगलवार को सई किनारे एसटीपी पर जलनिगम के महाप्रबंधक एमसी श्रीवास्तव, एक्सईएन आनंद कुमार दुबे, कौशल किशोर, आरपी मौर्य सहित अधिवक्ता टीएस सिंह ने पूजन कर प्लांट को चालू कराने का निर्णय लिया।
बचे हुए काम को समय पर पूरा कराने के लिए एजेंसी के कर्मचारियों ने शहर के चौक, केपी कॉलेज रोड, राजापाल चौराहा, सिविल लाइंस आदि स्थानों पर निरीक्षण किया। सभी पाइप लाइनों को जोड़ने के लिए सड़क के नीचे दोबारा खोदाई कराई जाएगी।