जिले में सात नए विद्युत उपखंड बनाएं जाएंगे। तीन डिवीजन के नौ उपखंडों के दायरे को विभाजित करके नए सात उपखंड सृजित होंगे। इसके चलते अब उपखंडों की संख्या 16 हो जाएगी। नए उपखंडों के बनने से बिजली व्यवस्था चाक चौबंद होगी। जिससे उपभोक्ताओं को काफी सहूलियत मिलेगी। न सिर्फ उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी समस्या समय से निस्तारित होगी बल्कि आपूर्ति व्यवस्था में सुधार भी दिखेगा। विभाग की ओर से नए उपखंड के सृजन की तैयारी शुरू हो गई है।
जिले में चार विद्युत वितरण पारेषण खंड है। इसके तहत कुल 67 विद्युत उपकेंद्र है। चारों डिवीजन मिलाकर लगभग 5 लाख विद्युत उपभोक्ता हैं। उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी समस्याओं के निस्तारण एवं आपूर्ति व्यवस्था को चाक चौबंद बनाए रखने के लिए जिले में चार डिवीजन के अलावा 9 विद्युत उपखंड है। अफसरों के मुताबिक सदर डिवीजन में पट्टी, गड़वारा व नगर है।
रानीगंज डिवीजन में रानीगंज व सदर उपखंड, लालगंज डिवीजन में लालगंज और सांगीपुर व कुंडा डिवीजन में कुंडा उपखंड व जेठवारा उपखंड है। इन उपखंडों में पट्टी, गड़वारा, जेठवारा, कुंडा, सदर उपखंड के दायरा बड़ा है। उपखंडों के दायरे में उपकेंद्र अधिक है। उपखंड कार्यालय दूर होने की वजह से उपभोक्ताओं को काफी दिक्कत होती है। उन्हें बिजली संबंधी समस्याओं के निस्तारण के लिए परेशान होना पड़ता है।
मगर अब उन्हें परशोन नहीं होना पड़ेगा। राहत की बात यह है कि अब पांच उपखंडों का दायरा कम करने की तैयारी की जा रही है। पांचों उपखंडों को विभाजित करके 7 नए उपखंड बनाए जाएंगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार आसपुर देवसरा, चिलबिला, बिहार, मानिकपुर, संग्रामगढ़, विश्वनाथगंज, पहाड़पुर सहित सात नए उपखंड का सृजन होगा।
एक उपखंड पर नए उपकेंद्रों को शामिल किया जाएगा। अधीक्षण अभियंता सतपाल ने बताया कि सात नए उपखंड सृजित किए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू है। इससे बिजली व्यवस्था में काफी बदलाव दिखेगा। जिले के करीब डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को इस व्यवस्था से राहत मिलेगी।