कुंडा। उत्तराखंड से गंगा नदी में छोड़े गए पानी का असर अब दिखने लगा है। इसके चलते नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। कालाकांकर में जलस्तर राजभवन की सीढ़ी तक पहुंच गया है। इसकी निगरानी के लिए शासन ने टीम भी लगा रखी है। मानिकपुर और हौदेश्वरनाथ धाम में पानी बढ़ने से तटीय क्षेत्रों में बसे ग्रामीणों की भी मुश्किलें बढ़ गई है।
प्रशासन ने आवश्यक दिशा निर्देश और अलर्ट भी जारी किया है। पिछले दो दिन से गंगा के जलस्तर तेजी से बढ़ोतरी हुई है। कछारी इलाकों में प्रशासन ने लोगों को सतर्क करते हुए अपने जानवरों और बच्चों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया। गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर बैरिकेडिंग भी कराई जा रही है। हौदेश्वरनाथ धाम पर प्रशासन ने स्नान करने वाले लोगों को सतर्क किया है। घाट पर सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
इस मामले में जब एसडीएम से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन बात नहीं हो। हथिगवां एसओ संतोष सिंह ने बताया कि ग्राम प्रधानों द्वारा सभी को सूचना दी जा रही है। हालांकि, गंगा किनारे कोई बस्ती नहीं है फिर भी लोगों को सतर्क किया जा रहा है। तहसीलदार कुंडा धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया की गंगा किनारे सभी जगहों पर डुग्गी पिटवा कर सूचना दे दी गई है। पुलिस, लेखपालों और चिकित्सा टीम को लगा दिया गया है। बढ़ते जलस्तर पर निगरानी रखी जा रही है।