RES is sitting by pressing ten crore rupees for stadium construction
जिले के तीन स्टेडियम निर्माण के लिए आरईएस को मिले 22.13 करोड़ रुपये में से 10.11 करोड़ रुपये अफसर दबाकर बैठे हुए हैं। विभागीय अफसरों की इस लापरवाही से केंद्र सरकार ने तीसरी किस्त का भुगतान करने से इनकार कर दिया है। जबकि तीसरी किस्त का भुगतान जून माह में होना था। 10.11 रुपये का उपभोग करने में फेल होने पर केंद्र सरकार ने तीसरी किस्त के 8.93 करोड़ रुपये के भुगतान पर रोक लगा दी है।
जिले में खेलो इंडिया योजना के तहत तीन स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। तीनों स्टेडियमों के निर्माण की जिम्मेदारी आरईएस को सौंपी गई है। मंगरौरा के सरसीखाम में निर्मित स्टेडियम के लिए 14.56 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिसमें दो किस्तों में 10.11 करोड़ रुपये कार्यदायी संस्था को मिल चुके हैं। आसपुर देवसरा विकासखंड के आसपुर देवसरा गांव निर्मित दूसरे स्टेडियम के लिए 8.25 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिसमें से 6.01 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है। पट्टी विकासखंड के ढिढुई में निर्मित स्टेडियम के लिए 8.25 करोड़ में 6.01 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।
केंद्र सरकार तीनों स्टेडियम के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था आरईएस को दो किस्तों में 22.13 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है, मगर स्टेडियम का निर्माण कार्य पूरा नहीं होने पर आरईएस के पास लगभग दस करोड़ रुपये डंप हैं। अब केंद्र सरकार भुगतान की गई धनराशि का हिसाब मांग रही है। वहीं, रुपये का उपभोग नहीं होने से आरईएस को तीसरी किस्त के रूप में मिलने वाले 8.93 करोड़ रुपये के भुगतान पर रोक लगा दी है।
नवंबर माह तक बनकर तैयार होना है स्टेडियम
केंद्र सरकार ने तीनों स्टेडियम निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था को नवंबर माह तक का समय दिया है, मगर आलम यह है कि अभी आधे से भी कम कार्य हुआ है। ऐसे में नवंबर माह तक निर्माण कार्य पूरा कराना विभागीय अफसरों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है।
आरईएस को स्टेडियम निर्माण के लिए जो धनराशि दी गई है, उसमें अभी 10.11 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो पाए हैं। इसलिए तीसरी किस्त का भुगतान नहीं हो पा रहा है। कैबिनेट मंत्री ने नाराजगी जताते हुए 26 अगस्त को मीटिंग बुलाई है। -
अरुण कुमार सिंह, डीओ, युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल
मौसम खराब होने से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है। ठेकेदारों को निर्माण कार्य तेजी से कराने के लिए कहा गया है। बची हुई धनराशि का सदुपयोग करने के बाद ही तीसरी किस्त की मांग की जाएगी। -
विकास अग्रवाल, अधिशाषी अभियंता, आरईएस