पट्टी के ऐतिहासिक दशहरा मेले के बाद बुधवार को भरत मिलाप के मौके पर पुष्प वर्षा के बीच प्रभु राम व भरत के गले मिलते ही हर किसी की आंखें भर आईं। हर ओर से जयकारा लगने लगा। चारों भाइयों का मिलन और प्रेम देख हर कोई टकटकी लगाकर निहारता रहा। हजारों की संख्या में उमड़े लोग इस ऐतिहासिक मिलन के साक्षी बने। पूरा वातावरण राममय हो गया। सुरक्षा के कड़े प्रबंध के चलते कोई अप्रिय वारदात नहीं हो सकी।
मंगलवार की शाम से ही भरत मिलाप अपनी ऊंचाई को छूने लगा था। आधी रात के बाद मेला अपनी बुलंदी पर पहुंचा। आकर्षक चौकियों, दलों और आभा बिखेरते हुए विद्युत मंडल जब सड़कों पर निकले तो हर किसी की नजर उन पर टिकी रहीं। मेले में चल रही कलात्मक चौकियों के प्रदर्शन को देखने के लिए हर कोई आतुर दिखा। भरत मिलाप के मौके पर श्री रामलीला समिति द्वारा विभिन्न स्थलों से 4 चौकियां क्रमश: श्री राम दल, भरत दल, हनुमान दल एवं जय संतोषी मां मंडल निकाले गए। इन आकर्षक चौकियों पर प्रयागराज से आए कलाकारों द्वारा रातभर भक्तिमय प्रस्तुति की गई। कलाकारों ने धार्मिक एवं आध्यात्मिक प्रसंगों पर आधारित नृत्य नाटिकाओं का मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया गया।
बुधवार को सुबह करीब 8.30 कस्बे के मेन रोड पर स्थित भरत मिलाप स्थल पर सारी चौकियां उपस्थित हुई। चारों दलों से राम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न को श्रीरामलीला समिति के पदाधिकारी अपनी गोद में लेकर मंच पर पहुंचें। बतौर मुख्य अतिथि मंत्री प्रतिनिधि विनोद पांडेय व ब्लाक प्रमुख राकेश कुमार सिंह, एसडीएम डीपी सिंह, सीओ दिलीप सिंह ने चारों भाइयों की आरती उतारी गई। शंखनाद व वैदिक मंत्रों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तियम हो उठा।
आचार्य श्याम शंकर दुबे ने पूजन संपन्न कराया। इसके बाद राम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न एक-दूसरे से गले मिले। भातृत्व प्रेम की यह झांकी देख लोगों के आंखें भर आईं। चहुंओर से पुष्पवर्षा शुरू हो गई। जयकारे गूंजने लगे। पूरा वातावरण भगवान राम की भक्ति से सराबोर रहा। मंत्री के प्रतिनिधि विनोद पांडे ने पट्टी के दशहरे मेले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
कार्यक्रम में दोनों समुदाय के लोग बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। कार्यक्रम का संचालन रामचरित्र वर्मा ने किया। इस मौके पर रामलीला समिति के अध्यक्ष जुग्गी लाल जायसवाल, सुरेश चंद्र जायसवाल, चंद्रकेश सिंह, प्रदीप खंडेलवाल, सत्यनारायण खंडेलवाल, लाल चंद्र मोदनवाल, अशोक पाठक, अवधेश सिंह, पंकज खंडेलवाल, खेदन लाल जायसवाल, डॉक्टर नीरज सिंह, एसडी एसबी प्रसाद समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
पट्टी के एतिहासिक भरत मिलाप मेले में निकली कलात्मक झांकी। संवाद- फोटो : PRATAPGARH
पट्टी के एतिहासिक भरत मिलाप मेले में गले मिलते राम भरत व लक्ष्मण शत्रघन। संवाद- फोटो : PRATAPGARH