तीन दिन पहले जिले में हवाओं संग हुई तेज बारिश ने फसलों पर जमकर कहर ढाया। इससे धान की फसलों का भारी नुकसान हुआ है। बारिश से फसल जमीन पर गिर गई है। जगह-जगह खेतों में बारिश का पानी जमा हो गया है। आलू, चना, मटर सहित अगैती फसलें भी बारिश से बर्बाद हुई हैं। इससे किसानों के चेहरे की रंगत उड़ गई है। कृषि विभाग फसलों के नुकसान के आकलन में जुटा है।
जिले में 98 हजार हेक्टेअर में धान की फसल की रोपाई की गई है। किसानों ने धान की फसल की टॉप ड्रेेसिंग अच्छे से की थी। अगैती फसल खेत में तैयार हो गई थी और पिछैती धान की फसल में बालियां आ रही थीं। किसान चना, मटर व आलू की अगैती की फसलों की बुवाई में जुटे थे। बीते रविवार से मंगलवार तक हुई बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया।
बारिश से धान की फसल का भारी नुकसान हुआ है। बारिश से जिले के रानीगंज के गौरा ब्लॉक के गौरा, रामापुर, आमापुर बेर्रा, सुजहा, थरिया, मीरपुर आदि गांवों में धान की फसल हवाओं के चलते जमीन पर लोट गई है। बारिश से खेतों में पानी जमा हो गया हैं। इससे फसलें बर्बाद हो गईं। यही हाल शिवगढ़ ब्लॉक के गांवों का भी है। अधिकांश किसानों की अगैती फसलें तैयार हो गई थीं। वह कटाई करने में जुटे थे। बारिश से खेत में पानी लगने से फसलें बर्बाद हो गईं।
किसान उन्हें सुरक्षित करने में लगे हुए हैं। कुंडा तहसील क्षेत्र के करावडीह, जनवामऊ, परियांवा, ब्रम्हौली, कोराली, सेख मोहम्मदपुर, गौरी, अंगरी, अंधरी, अदलाबाद, लवाना सहित अधिकांश गावों में धान की फसल बारिश से प्रभावित हुई है। क्षेत्र के मुन्ना विश्वकर्मा, जगत नरायण पांडेय, मोहनलाल पाल, रमेशर मौर्या, कालीचरण सरोज, रामचंदर गौतम, विद्याशंकर तिवारी, रामकिशोर शुक्ला, रामसेवक मौर्या, शिवेंद्र यादव, मुलायम यादव, रूप कुमार, देवी शरण, राजेश सिंह आदि किसानों का कहना है कि बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
फसलों से कमाई तो दूर लागत निकालना भी मुश्किल होगा। इधर, लालगंज व सदर तहसील क्षेत्र में भी बारिश से अधिकांश किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं। बारिश के बाद कृषि विभाग की टीमें तहसीलवार नुकसान का आकलन कर रही हैं। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि ब्लॉक वार टीमें गठित कर ली गई हैं। फसलों के नुकसान का आकलन किया जा रहा है।