Pratapgarh News : बेटे की हत्या के बाद बिलखती मां।
- फोटो : अमर उजाला।
करीब सात बार उसे सड़क पर पटका। उसकी चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़े तो प्रियांशू को छोड़कर भाग निकला। उसकी नाक से खून बह रहा था और सिर में पटकने से सिर में गंभीर चोट लगी थी। मौके पर परिजन भी पहुंच गए। आनन-फानन में परिजन उसे लेकर उपचार के लिए सीएचसी सांगीपुर पहुंचे। डाक्टरों ने उसे मेडिकल कालेज भेज दिया। यहां पहुंचने पर डाक्टर उसका इलाज करने की तैयारी कर रहे थे मगर तब तक उसकी सांसें थम गईं।
बेटे के मौत की खबर मिलते ही मां उर्मिला व करमचंद्र को गहरा सदमा लगा। दोनों के मुंह से शब्द नहीं निकल रहे थे। इधर घटना की जानकारी के बाद उदयपुर पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद आरोपी की तलाश में जुट गई। सीओ लालगंज रामसूरत सोनकर ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है। आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है।
प्रतापगढ़ : बालक की हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस।
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बच्चों के बीच भी हुआ था विवाद
ग्रामीणों के अनुसार कमलचंद्र सिंह व अरविंद सिंह के बच्चों के बीच शनिवार की शाम खेलने के दौरान विवाद हुआ था। जिसे लेकर दोनों परिवार की महिलाओं के बीच कहासुनी हुई थी। हालांकि बड़ों के सूझबूझ के बाद विवाद खत्म हो गया था।
जहां भी मिले उसे पकड़कर बांध देना, नहीं तो होगी मुश्किल
पांच साल के मासूम प्रियांशू की हत्या करने वाले हैवान अरविंद की तलाश के बजाय पुलिस ग्रामीणों से उसके बारे में पूछताछ करती रही। एक युवक जब आरोपी के छिपने वाले संभावित स्थानों को बताने लगा। तब पुलिसकर्मी उसकी तलाश उन ठिकानों पर जाकर करने के बजाय ग्रामीणों से बोले कि वह जहां दिखे वहीं पकड़कर बांध दो। अन्यथा ग्रामीणों को मुश्किल का सामना करना पड़ेगा। आश्चर्य की बात रही कि पुलिसकर्मी भी मासूम की हत्या करने वाले वहशीं की तलाश खुद करने से पीछे भागते नजर आए।
Pratapgarh News : बालक की हत्या के बाद जुटी ग्रामीणों की भीड़।
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मासूम की मौत से गुमसुम हो गई मां उर्मिला
चार बच्चों में सबसे छोटा प्रियांशू सबका दुलारा था। बहन व भाई सभी उसे प्यार करते थे। रविवार को अचानक दिल दहला देने वाली घटना में प्रियांशू के मौत की खबर के बाद उर्मिला गुमसुम है। वह अस्पताल बेसुध होकर एक कोने में पड़ी थी। घर पहुंचने के बाद भी उसकी आंखों से आंसू नहीं निकल रहे थे। परिवार के लोग उसे बार-बार रुलाने की कोशिश भी करते रहे। मगर उसके मुंह से एक शब्द नहीं निकल रहे थे। पोस्टमार्टम के बाद प्रियांशू का शव घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। मगर उर्मिला बेटे का शव देखती रही। उसकी आंख से आंसू नहीं गिर रहा था।