पत्नी आलिया व भतीजा रोते हुए बेहोश हो गए। यह देख लोग आक्रोशित हो उठे। मौके पर मौजूद पुलिस अफसर शव को सुपुर्दे खाक करने के लिए परिवार के लोगों से बातचीत करने का प्रयास करने लगी। एएसपी पश्चिमी भी परिवार के लोगों को समझाने बुझाने की कोशिश करते रहे, मगर कोई उनकी बात सुनने के लिए तैयार नहीं था। ग्रामीणों ने बर्फ मंगाकर शव को उस पर रख दिया। बाबूतारा में कई थानों की फोर्स लेकर एएसपी पश्चिमी रोहित मिश्रा, अपर जिलाधिकारी पंकज शुक्ला समेत अन्य पुलिस अफसर डटे रहे। दूसरी ओर सपा नेताओं समेत आसपास के ग्रामीण भी पुलिस पर जुल्म का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
सगरा बाजार छावनी में तब्दील, चप्पे-चप्पे पर पुलिस
बाबूतारा में पुलिस की मुठभेड़ के दौरान बदमाश तौफीक की मौत के बाद से पुलिस सतर्क रही। सुबह ही सगरासुंदरपुर बाजार में एक कंपनी पीएसी तैनात कर दी गई। उधर, लालगंज में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी रोहित मिश्रा व एसडीएम राहुल यादव के साथ दो सीओ व आधा दर्जन थानों की फोर्स जुटी थी। लखनऊ से तौफीक के शव को घर लाने के लिए कोतवाली के दो दरोगा लगाए गए थे। कोतवाली पुलिस की छह टीमें शांतिपूर्ण अंतिम संस्कार के लिए तैनात की गईं।
उन्होंने कहा कि बाबूतारा में मुठभेड़ में तौफीक की मौत नहीं हुई, बल्कि उसकी पुलिस द्वारा सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है। जब तक मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, पचास लाख की आर्थिक सहायता व दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं होता, तब तक शव को सुपुर्दे खाक नहीं किया जाएगा। सपा के प्रतिनिधि मंडल में जिला महासचिव अब्दुल कादिर जिलानी, वासिक खान, इरफान अली, साबिर अली, इंद्रदेव तिवारी, पूर्व अध्यक्ष भइयाराम पटेल, पूर्व ब्लाक प्रमुख शांति सिंह, राहुल सिंह, अहमद अली, जय नारायण आदि मौजूद रहे।