फोरेंसिक टीम ने की जांच
कुछ ही देर में फोरेंसिक टीम भी बुला ली गई। घटनास्थल से मिले सामान को जब्त करने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके से मृतक का मोबाइल और दो सौ रुपये बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, हत्यारों ने रंजीत के मुंह पर धारदार हथियार से प्रहार किया था। आशंका जताई जा रही है कि किसी बात से नाराज होकर सुरेश ने ही रंजीत की हत्या न कर दी हो। सीओ सिटी अभय पांडेय ने बताया कि नवीन की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। गायब सुरेश की तलाश की जा रही है। मोबाइल काल डिटेल भी खंगाली जा रही है। सुरेश के एक रिश्तेदार से पूछताछ की जा रही है।
रेलवे लाइन के किनारे मिला मोबाइल
हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस गोदाम के आसपास सरसों के खेत व रेलवे लाइन के किनारे खोजबीन करने लगी। खोजबीन के दौरान रेलवे लाइन के किनारे एक बंद मोबाइल मोबाइल मिला। जिसके हत्यारोपी के होने की आशंका जताई जाती रही। पुलिस उस मोबाइल को आन करने का प्रयास करती रही, मगर देर शाम तक कामयाबी नहीं मिली।
तीन बेटियों के सिर से छिना पिता का साया
परिवार के गुजर-बसर के लिए रंजीत यादव नवीन की दुकान पर काम करने के लिए तीन माह पहले आया था। उसे मजदूरी के रूप में चार सौ रुपये प्रतिदिन मिलते थे। पंद्रह दिन पहले वह घर गया था। सोमवार को रंजीत की हत्या की खबर मिलते ही परिवार के लोग बिलखने लगे। पत्नी शीला रोते हुए बेहोश हो जा रही थी। उसकी तीन बेटियां हैं। उनके सिर से पिता का साया छिन गया। रंजीत के स्वभाव से साथी मजदूर से लेकर मालिक तक खुश रहते थे।
बेटे को रुपये दिलाने के बाद गुस्से में था सुरेश
कारोबारी नवीन के अनुसार, सुरेश पाल भी उसकी दुकान पर काफी दिनों से काम करता था। रविवार को उसका बड़ा बेटा सचिन आया था। वह सुरेश से दो हजार रुपये लेकर चला गया। वह छोटे भाई के इलाज की बात कहकर रुपये ले गया। शाम को सुरेश अनायास ही अपने गांव के कुछ लोगों को अपशब्द बोल रहा था। यह सुनने के बाद नवीन ने नाराजगी जताई। जिसके बाद वह खामोश हो गया। पुलिस को आशंका है रात में किसी बात को लेकर रंजीत से उसका विवाद हुआ होगा। सोते समय रंजीत के ऊपर सुरेश ने धारदार हथियार से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। गोदाम सुनसान स्थान पर है। जिससे किसी को भनक नहीं लगी। वहां रहने वाले दो मजदूर चार दिन पहले ही अपने घर जा चुके थे।
रात में बंद था सीसीटीवी कैमरा
टाइल्स के गोदाम में सीसीटीवी कैमरा लगा है। गोदाम बंद होने के साथ ही उसे भी बंद कर दिया जाता है। रविवार की रात भी कैमरे को बंद कर दिया गया था। अन्यथा घटना की गतिविधियां कैमरे में कैद हो गई होती।