आउटर पर ही रोक ली गई ट्रेन
जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने रेलवे कंट्रोल से बात करते हुए आउटर पर ही ट्रेन रुकवाने के लिए कहा। ट्रेन में बम की खबर मिलते ही एएसपी पूर्वी डा. सुरेंद्र प्रताप सिंह और सीओ सिटी अभय पांडेय कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। रेलवे पुलिस के साथ कर्मचारियों ने ट्रेन को करीब शाम साढृे छह बजे जेल आउटर पर ही रोक लिया। इसके बाद एक-5, एस-8 व एस-10 कोच की सघन जांच शुरू हुई।
तीनों कोचों में करीब एक घंटे तक सर्च अभियान चलता रहा। यात्रियों के सामान के साथ शौचालय की सघन जांच पड़ताल की जाती रही। मगर पुलिस के हाथ महज एक लावारिस बैग लगा। बैग में कुछ भी नहीं था। बाद में बैग का स्वामी भी पहुंच गया। हालांकि पुलिस ने उसे बैग लौटा दिया। ट्रेन में बम न मिलने पर पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली। करीब एक घंटे बाद ट्रेन आउटर से प्लेटफार्म की रवाना हो सकी। एएसपी पूर्वी डा. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ट्रेन में बम की सूचना मिली थी। चेकिंग कराई गई। लेकिन कुछ मिला नहीं।
राजा नाम के युवक ने दी डीजी कार्यालय को सूचना
रेवल ब्वाय राजा नाम के युवक ने फोन कर डीजी कार्यालय को ट्रेन में बम होने की सूचना दी थी। एसओ जीआरपी ने बताया कि ट्रेन में बम रखे होने की सूचना देने वाले ने अपना फोन बंद कर लिया था। फोन करने वाले का नंबर 9109287242 था। ट्रू कॉलर पर उसका नाम रेवल ब्वाय राजा नाम लिखकर आ रहा है। हालांकि इस मामले की जांच की जा रही है।
ट्रेन में बम, घबराए बच्चे और बुजुर्ग
गोरखपुर से दुर्ग जा रही नौतनवा एक्सप्रेस में बम होने की सूचना से बच्चे और बुजुर्ग के साथ महिलाएं घबरा गई। एकाएक ट्रेन रुकी और भरभराकर पुलिस कर्मी ट्रेनों में चढ़ने लगे। आउटर का मामला होने के कारण पहले वे डर गई। जब उन्हें पुलिस कर्मियों ने यह बता दिया कि ट्रेन में बम है तो डर बस सब हैरत में पड़ गए। युवा बोगी से उतरने लगे। मगर महिलाओं के साथ बुजुर्ग और बच्चे सहमे रहे।
डेढ़ घंटे पिट गई ट्रेन, स्टेशन पर पुलिस कर्मियों को छोड़ भाग निकले यात्री
नौतनवा एक्सप्रेस में बम होने की खबर मिलते ही प्लेट फार्म पर बैठे यात्री बाहर निकल गए। कुल डेढ़ घंटे तक चले सर्च अभियान में पुलिस के हाथ जब कुछ नहीं लगा तो ट्रेन को रवाना किया गया। जबतक नौतनवा एक्सप्रेस प्लेट फार्म पर खड़ी थी तबतक एक भी ट्रेन को प्लेट फार्म पर नहीं लिया गया। स्टेशन अधीक्षक अपना मोबाइल बंद कर लिये। जिससे उनसे कोई कुछ इस मामले में न पूछे।